रामगढ/मझौवा। गंगा की उतरती लहरें भी अब उत्पात मचाने लगी हैं। लहरों से टकराकर शनिवार की देर रात रामगढ़ में बने स्पर का कुछ हिस्सा बह गया। ठोकर के नोज के डाउन स्टिम का 40 प्रतिशत भाग कटकर गंगा की लहरों में बह गया। सूचना पर पहुंचे बाढ़ विभाग के अधिकारी रात में ही जेसीबी लगाकर बोल्डर डालना शुरू कर दिया।
स्पर से कुछ दूरी पर दो माह पहले बना 460 मीटर लंबा रिवेटमेंट कार्य (तटबंध) का 40 मीटर भाग गंगा की लहरों में कट गया। यह स्थिति देख बाढ़ विभाग में हड़कंप मचा गया। केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज के अनुसार, गंगा का जलस्तर रविवार की शाम चार बजे 57.320 सेंटीमीटर दर्ज किया गया। दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जलस्तर घट रहा है।
गंगा की उतरती लहरें शनिवार की देर रात रामगढ़ में बने स्पर (ठोकर) संख्या 27.500 पर धावा बोल दिया। इससे ठोकर का नोज डाउन स्टिम पर करीब 40 प्रतिशत भाग कटकर गंगा की लहरों में बह गया। इससे आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। वहीं, सूचना पर पहुंचे बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों की काली करतूतों को छिपाने के लिए रात में ही जेसीबी लगाकर बोल्डर डालना शुरू करा दिया, जो अभी भी जारी है।
2020-21 में करीब 11 करोड़ तीन लाख 37 हजार रुपये की लागत से एक ठोकर का निर्माण अनमोल एसोसिएट्स द्वारा किया गया। एनएच 31 के साथ ही गांवों को भी गंगा की गोद में जाने से बचाया जा सके। लेकिन स्पर निर्माण में मानक की खूब धज्जियां उड़ाई गईं। गंगा की उतरती लहरें स्पर की गुणवत्ता की सच्चाई बता रही हैं।