जयप्रकाश नगर। सरयू नदी की बाढ़ में बृहस्पतिवार की रात को कटकर बह गए एनएच-31 की मरम्मत का कार्य जारी है। 36 घंटे से इसपर आवागमन ठप है। एनएचआई के कर्मचारी और मजदूर मरम्मत में लगे हैं। एनएचआई ने संभावना जताई है कि शनिवार तक मरम्मत का कार्य पूरा हो जाएगा। अभी दस मीटर तक की मरम्मत की गई है।
एनएच-31 के कटने के बाद बिहार, झारखंड आदि राज्यों से बलिया का सीधा संपर्क टूट गया है। एनएचआई ने उसे बनवाने का काम बृहस्पतिवार से शुरू कर दिया था। शुक्रवार शाम तक लगभग दस मीटर दूरी तक मिट्टी भराई का काम युद्ध स्तर पर रहा। एनएच पर आवागमन शुरू करने के लिए सड़क के कटे भाग में पहले बोरियों में भरा बालू डाला जा रहा। इसके बाद मिट्टी डालने का काम हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार बहुत जल्द ही आवागमन चालू हो जाएगा। एनएच कटने से बिहार, झारखंड, बंगाल सहित कई राज्यों के वाहनों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है।
एनएच किनारे की यादव बस्ती मेें 50 साल बाद बाढ़ का पानी घुसा, 3000 की आबादी प्रभावित : सरयू की बाढ़ से एनएच किनारे की यादव बस्ती मेें 50 साल बाद पानी घुसा है। 3000 की आबादी प्रभावित हो रही है। किसानों के उत्पादन को भी बहुत नुकसान पहुंच रहा है। बिहार से आवागमन कट जाने से सब्जी जैसे अपने उत्पाद बिहार नहीं ले जा पा रहे हैं। ऐसे में किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। क्षेत्र से भारी मात्रा में सब्जी रानीगंज और सुरेमनपुर बाजार से छपरा और सिवान के लिए जाती है। दो दिनों से जानी बंद हो गई है। सैकड़ों लोगों ने बीएसटी बंधे पर परिवार सहित शरण ली है। कई परिवार छतों पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
सरयू लाल निशान से 46 सेमी ऊपर : बेल्थरारोड। सरयू नदी के तेवर नरम पड़ गए हैं। हालांकि नदी का पानी लाल निशान से 46 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, फिर भी जलस्तर में निरंतर गिरावट का क्रम जारी रहने से बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की शाम जलस्तर 64.47 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.01 मीटर से 46 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग का कहना है कि जलस्तर में कमी हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में एक से डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में गिरावट होने का पूर्वानुमान किया है। जलस्तर में गिरावट का क्रम जारी रहा तो नदी का पानी अगले कुछ दिनों में खतरे के निशान से नीचे आ जाएगा।