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बाढ़ से पानी से घिरी नवरंगा की 25 हजार की आबादी

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नगर के निहोरा नगर में बाढ़ के पानी का निरीक्षण करती एनडीआरएफ टीम के सदस्य। - फोटो : BALLIA
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दया छपरा। गंगा की लहरों में जारी उफान से बाढ़ का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। गंगा के पानी ने अब नवरंगा ग्राम पंचायत की लगभग 25 हजार की आबादी को भी घेर लिया है। थोड़ा और पानी बढ़ा तो छह और गांवों के जलमग्न होने में देर नहीं लगेगी। बाढ़ के कारण क्षेत्र के 200 ग्रामीणों ने लगभग 100 मवेशियों के साथ एनएच-31 पर डेरा डाल लिया है। प्रशासन की ओर से पके-पकाए भोजन का वितरण शुरू कर दिया गया है। बाढ़ के पानी ने गंगा उस पार बसे बैरिया तहसील क्षेत्र के नवरंगा गांव में पांव पसारना शुरू कर दिया है। नवरंगा, भुवाल छपरा,चक्की नवरंगा, डेरा उदय छपरा की लगभग 25 हजार की आबादी को पानी ने घेर लिया है। निर्माणाधीन राजकीय इंटर कालेज पूरी तरह से डूब चुका है। अब पानी बस्ती में जाना शुरू हो गया है। एनएच-31 से सिंचाई विभाग के बंधे तक बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर पानी फैल गया है। थोड़ा भी पानी बढ़ा तो बुधनचक, बड़का बुधनचक, मठिया समेत कुल छह गांव जलमग्न हो जाएंगे। ग्राम पंचायत जगदेवा पांडेयपुर के रास्ते बंद हो गए हैं। मात्र पांडेयपुर ढाला से आवागमन हो रहा है। वह भी बंद हो जाने का अंदेशा है। इससे 18 हजार की आबादी प्रभावित हो सकती है। ग्राम पंचायत गोपालपुर के उदय छपरा निवासियों के घरों में पानी जाना शुरू हो गया है। सोमवार को पानी का दबाव से उदय छपरा में मोतीलाल उपाध्याय के घर का अवशेष कट गया। गोपालपुर के लगभग 200 ग्रामीणों ने 100 मवेशियों के साथ एनएच-31 पर शरण ली है। जो खाना बनाने में असमर्थ है उन्हें पका-पकाया भोजन प्रशासन की ओर से दोनों समय वितरित किया जा रहा हैै। हालांकि प्रशासन की ओर से प्राइवेट स्कूल को बनाए गए बाढ़ आश्रय स्थल पर कोई भी बाढ़ पीडि़त नहीं है। एसएडीम बैरिया अभय सिंह, तहसीलदार बैरिया शिवसागर दुबे, एसएचओ बैरिया राजीव कुमार मिश्र बाढ़ राहत केंद्रों पर चक्रमण करते रहे। उधर, गंगा और टोंस नदी की बाढ़ ने अपना रौद्र रूप लेना शुरू कर दिया है, जिससे अब क्षेत्रीय जनता के लिए बाढ़ परेशानी का कारण बनती जा रही है। क्षेत्र के जो गांव गंगा और टोंस दोनों नदी के तट पर है, उनकी परेशानी भी दोगुनी है। तटवर्ती गांव थमह्नपुरा, हसनपुरा, इंदरपुर, नई बस्ती इंदरपुर, अंजोरपुर, मंझरिया और कोट ग्राम के ग्रामीणों को एक तरफ से गंगा और दूसरी तरफ से टोंस नदी की बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को थमह्नपुरा का रामजानकी मंदिर, पंचायत भवन, जूनियर हाईस्कूल और पशु अस्पताल बाढ़ के पानी से डूब गए। वहीं गांव में बाहर जाने वाला संपर्क मार्ग भी पूरी तरह से डूब गया। हसनपुरा, अंजोरपुर और नई बस्ती इंदरपुर के प्राथमिक विद्यालय भी जलमग्न हो गए हैं। गंगहरा से चेरुइयां तक जाने वाली पगडंडी हसनपुर जाने वाला मार्ग सहित अन्य कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं।
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