चक्की (नौरंगा) गांव के समीप अधूरी बचीं पुलिया।
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मझौवां। गंगा की उतरतीं लहरों के सोहरा कटान होने से तटवर्ती लोग भयभीत हैं। लगभग 10 दिनों से गंगा का जलस्तर नीचे खिसक रहा है। इसके साथ-साथ कटान भी जारी है। इसकी जद में आने से शुक्रवार को भी लगभग 25 एकड़ किसानों की उपजाऊ जमीन गंगा की गोद में समाहित हो गई। इसका भय अब किसानों को सताने लगा है।
गंगा तटवासी कटान पीडि़तों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में घटाव होने पर भयंकर सोहरा कटान होना तय हैं। इसे लेकर चक्की, भगवानपुर के लोगों को भय सताने लगा है। चौबे छपरा से दूबे छपरा तक जो पीचिंग का कार्य हुआ था, कहीं एक लेयर तो कहीं दो लेयर खिसक चुका है। चक्की, भगवानपुर में प्रधानमंत्री योजना अंतर्गत बनी सड़क का लगभग 200 मीटर हिस्सा जलधारा में विलीन हो चुका है। तटवर्ती इलाकों में कटान का खौफ एक बार फिर मंडराने लगा है। क्षेत्र के सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर उदई छपरा आदि तटवर्ती गांव की उपजाऊ जमीन को हमेशा की तरह इस बार भी धीरे-धीरे गंगा काटकर अपने आगोश में ले रही है। किसानों को अपनी जमीन को बचाने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा।