रतसर। जिगनहरा और धनौती धुरा गांवों में आयोजित जनचौपाल में प्रदेश के राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने विभागवार सरकारी योजनाओं की समीक्षा की और ग्रामीणों और अधिकारियों से सीधा संवाद कराया। जिगनहरा गांव की सरस्वती देवी और मीना देवी ने शिकायत की कि ग्राम प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री आवास के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत ली गई है। जिस पर मंत्री बिफर गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पारदर्शिता के आधार पर कार्य करना होगा, नहीं तो अब कड़ी सजा भुगतने को तैयार रहें। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों और पंचायत भवन पर प्रशासनिक अधिकारियों, गांव से संबंधित सरकारी कार्मिकों और जनप्रतिनिधियों के नाम और मोबाइल नंबर अंकित होना चाहिए। मेरा और एंटी करप्शन टीम का भी नंबर लिखवाएं जिससे ग्रामीणों को किसी आपात स्थिति में परेशान न होने पड़े। जिगनहरा गांव का जनसेवा केंद्र रतसर में चलने की शिकायत पर तहसीलदार को निर्देश दिया कि केंद्र गांव में ही चलना चाहिए। 19 अक्टूबर को गांव में कैंप लगाकर आय, जाति, निवास और परिवार रजिस्टर की नकल आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। 29 अक्टूबर को समाज कल्याण विभाग की ओर से कैंप का आयोजन कर वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन आदि योजनाओं को लाभान्वित कराने का निर्देश दिया। पुलिस विभाग से थानों और चौकी में जनता से सम्मान से पेश होने का निर्देश दिया। कहा कि सरकारी कार्यालयों में आम गरीब जनता से व्यवहार सम्मानजनक होना चाहिए। बैठक में परियोजना निदेशक डीएन दुबे, तहसीलदार सदर , समाज कल्याण अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, उप खंड अधिकारी विद्युत, उपेंद्र पांडेय, विजय गुप्ता, टुनटुन उपाध्याय, राजेंद्र तिवारी, राजकुमार तिवारी, राकेश सिंह आदि उपस्थित रहे।