सिकन्दरपुर। क्षेत्र के ग्राम हरनाटार (मालदह) स्थित उर्धबाहु बाबा मठ के शिवलीन महंत श्री श्री 108 श्री अंगद चैतन्य ब्रम्हचारी (मौनी बाबा) के श्राद्ध भोज (तेरही) रविवार को विधि विधान के साथ हुआ। इस मौके पर पधारे श्री वन खंडीनाथ ग्राम डुंहा के अध्यक्ष स्वामी श्री ईश्वर दास ब्रम्हचारी (मौनी बाबा) ने शिवलीन ब्रम्हचारी को संत परमपरा का अलौकिक दीपक की उपाधि दी, और कहा कि जिनकी अक्षय कीर्ति अभी भी आलोकित हो रही है। हां यहां भाविष्य में शिवलीन महन्त ब्रम्हचारी का अभाव भक्तों व क्षेत्रवासियों को खटकता रहेगा।उन्होंने कहा कि आज कलिकाल का समय चल रहा है। मानव का गृहस्त आश्रम में रहकर उसकी की जा रही अल्प समय की भक्ति से ही भगवान प्रसन्न हो जाते हैं, हालांकि कलिकाल में भगवान के भक्तों को अनेकानेक विघ्नों का सामना करना पड़ता है किन्तु वे ईश्वर कृपा से सामना करने से पीछे नही हटते। इस प्रकार हर मानव को अल्प भक्ति ही सही उसे निरन्तर जीवन मे उतारना चाहिए। कलिकाल भले प्रभावी है लेकिन वह भक्तो का कुछ भी बाल बांका नही कर सकता।मऊ जनपद के सहरोज से पधारे पंडित रितेश जी ने श्री राम चरित मानस पाठ का अल्प ब्याख्यान करने के साथ ही मौके पर उपस्थित साधु-संतों व क्षेत्रवासियों को उससे प्रेरणा लेने की नसीहत दी। साथ ही भजनोंपदेश का भी वचन किया। शिवलीन ब्रम्हचारी की तेरही में सैकड़ो की संख्या में साधु-संतों व क्षेत्रवासियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर बिहरा गायत्री पीठ से रामभूषण ब्रम्हचारी, परमधाम डुंहा से स्वामी चितसुखा नन्द स्वामी करुणा निधान भारती, ग्राम प्रधान मुक्तेश्वर वर्मा, रमेश राय, मुन्ना राय, राज राय, गौरव राय, राजू राय, अवधेश राय, दीपक, चंचल, भोलू राय, भोला राय, सोनू राय, राजेश तिवारी, कमल वर्मा, कन्हैया वर्मा, टुनटुन राय, अमरजीत सिंह, समर बहादुर मौर्य, सत्यराम यादव, भागवत सिंह आदि रहे।
तिलक कुमार