रसड़ा। नगर के त्रिपाठी चित्र मंदिर के समीप बाबा साहब भीमराव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर विश्व मानवाधिकार दिवस पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बाबा साहब की जीवन संघर्षों को पर विस्तृत रुप से प्रकाश डाला गया। मुख्य वक्ता समाजसेवी राघवेन्द्र कुमार ने कहा कि बाबा साहब सामाजिक एवं आर्थिक विषमता और अंधविश्वास के विरुद्ध लड़कर समतामूलक समाज बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने संविधान में महिलाओं को बराबरी का अधिकार प्रदान किया, जिससे समाज के सभी जाति के महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिला। उन्होंने सभी सत्तारूढ़ सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि संविधान के विरुद्ध कार्य किए जाने के कारण ही दिन प्रतिदिन गरीबी बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। बालचंद ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान निर्माण कर अंग्रेजों को बता दिया कि भारतीय जनता में भी देश का कानून बनाने की क्षमता है। इस मौके पर शिवकुमार, सियाराम यादव, ललन राजभर, सुरेश गौतम, श्रीकांत, श्याम सुंदर, सुमन बागी, गुड्डू चौधरी, वीरेंद्र कुमार, बलराम रावत आदि लोगों ने विचार व्यक्त किया अध्यक्षता लाल बचन एवं संचालन सदानंद गौतम ने किया।