बेल्थरारोड। निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद प्रत्याशियों के हार-जीत को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सार्वजनिक स्थानों, चौराहों और चाय-पान की दूकानों पर प्रत्याशियों द्वारा प्राप्त मतों का आकलन कर जीत के दावे और प्रतिदावे किए जा रहे हैं। मतदाताओं द्वारा मतदान के समय मुखर नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जातिगत वोटों के बिखराव से दुविधा की स्थिति है। कुछ को छोड़ अधिकांश जातियों में मतों में सेंधमारी से संघर्ष के आसार प्रबल हैं। प्रत्याशियों व समर्थकों द्वारा जातिगत वोटों के ध्रुवीकरण की तमाम कोशिशों के बावजूद मतदाताओं ने स्वच्छंद रूप से रिकॉर्ड मतदान कर सियासत की कूटनीतिकारों को हैरान कर दिया है। ऐसे में चुनाव परिणाम अप्रत्याशित होने के कयास लगाए जा रहे हैं। एक दिसंबर को प्रतिष्ठापरक सीट पर किस का सितारा चमकेगा, यह कहना मुश्किल है। लेकिन इतना जरुर है कि चुनाव परिणाम चमत्कारिक होंगे, जो राजनीतिक पंडितों के पूर्वानुमान को ध्वस्त कर देंगे।