बलिया। रात में हुई बारिश के बाद दिन में तेज धूप से उमस भरी गर्मी और परेशान करने लगी है। आंधी व बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली है। प्रचंड गर्मी बुजुर्ग व बीमार लोगों के लिए मुसीबत बनी है। पिछले 24 घंटे के दौरान जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचते-पहुंचते 15 लोगों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम न होने के कारण मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो पा रही है। जिला प्रशासन भी गर्मी से मौतों की पुष्टि नहीं करता है।
गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। बुजुर्ग व बीमार लोगों की हालत गंभीर हो जा रही है। स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को बेहतर इलाज करने की जगह चिकित्सक व कर्मचारी जिला अस्पताल को रेफर कर खानापूर्ति कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार मरीज को भर्ती करने की जगह एंबुलेंस में चेकअप करने के बाद जल्द जिला अस्पताल पहुंचने की हिदायत दे रहे हैं। मरीज को आइस पैक से सिकाई करने तक की सलाह नहीं दे रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल के इमरजेंसी पहुंचने के पूर्व मरीज की हालत गंभीर होने के कारण रास्ते में मौत हो जा रही है। एंबुलेंस में एसी की व्यवस्था न होने के कारण मरीज की हालत और बिगड़ जा रही है। स्वास्थ्य विभाग गर्मी से मौत होने की पुष्टि नहीं कर रहा है।
इमरजेंसी पहुंचने के पूर्व टूट रहा दम
बांसडीहरोड के आमदौर गांव निवासी विनय कुमार पांडेय (28), कदम चौराहा निवासी कृष्णा माधव सिंह, फेफना तीखा गांव निवासी प्रभुनाथ गुप्ता 72 वर्ष, मुलायम नगर शिव सागर प्रजापति, बांसडीह रोड़ निवासी धर्मभगत 60 वर्ष, 60 वर्ष की अज्ञात महिला एंबुलेस वाले ने पहुंचाया, मीना देवी 60 वर्ष निवासी हनुमानगंज, प्रभावती देवी 58 वर्ष, सुखपुरा, रामदत्त सिंह 80 वर्ष निवासी सुल्तानपुर, भीमपुरा निवासी दिलीप गुप्ता 48 वर्ष, थम्हनपुरा गांव निवासी जितेंद्र रावत (36) को मरने के बाद और चार अज्ञात शवों को एंबुलेस चालकों व पुलिस ने पहुंचाया। खबर लिखने तक चारों की शिनाख्त नहीं हो सकी थी।
गर्मी व लू को लेकर चेतावनी जारी की गई है। तबीयत खराब होने पर तत्काल डाॅक्टर के यहां जाने की जगह खुद डाक्टर बन इलाज करना व लापरवाही जानलेवा साबित होती है। हालत गंभीर होने पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं। वहां हालत गंभीर देख बेहतर इलाज के लिए चिकित्सक जिला अस्पताल को रेफर करते हैं। लापरवाही से किसी मरीज की मौत होने की शिकायत नहीं मिली है।
डॉ. विजयपति द्विवेदी, सीएमओ।