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Ballia News: 140 वर्ष पुराना टूटने लगा फुट ब्रिज, लंदन की कंपनी ने किया था निर्माण

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बलिया। रेलवे स्टेशन पर बना फुट ब्रिज 140 वर्ष बाद तोड़ा जा रहा है। उसके स्थान पर 12 मीटर चौड़ा फुट ब्रिज का निर्माण होगा। वह प्लेटफार्म संख्या एक से दो तीन व चार तक रहेंगा। दोनों सर्कुलेटिंग परिसर भी जुड़ेगा। पुराना पुल टूटने के साथ ही छोटी लाइन की यादें समाप्त हो जाएंगी।
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छपरा-वाराणसी के बीच बलिया रेलवे स्टेशन पर वर्ष 1883 में लंदन की कंपनी बीएंड एनडब्लूआर वेस्टवुड बेली एंड कंपनी इंजीनियर्स एंड कंट्रक्शन ने पहला फुट ओवरब्रिज प्लेटफार्म एक पर बनाया था। इसे दो नंबर से कनेक्ट किया गया। कुछ वर्षों बाद ब्रिटिश हुकूमत के दौरान ही दूसरा फुट ब्रिज बनाया गया जो किसी प्लेटफार्म से कनेक्ट न कर सर्कुलेटिंग एरिया से उत्तरी परिसर (महुआ मोड़) से जुड़ा था।
महुआ मोड़ की तरफ रेलवे के अधिकारियों के कार्यालय और आवास हैं। शहर के दोनों हिस्से के लोगों को पैदल आने-जाने के लिए पुल से काफी सहूलियत थी। छपरा-वाराणसी रूट के बीच दोहरीकरण और विद्युतीकरण के दौरान प्लेटफार्म संख्या चार के निर्माण के दौरान दूसरे पुल को आधा तोड़ने के कारण बंद करना पड़ा।
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तीन करोड़ की लागत में बनेगा 12 मीटर चौड़ा फुट ब्रिज
स्टेशन के सुंदरीकरण के दौरान उच्चाधिकारियों ने दोनों पुराने पुल को तोड़कर तीन करोड़ की लागत में 12 मीटर चौड़ा पुल निर्माण को हरी झंडी दी। नए पुल में यात्रियों की सुविधा के लिए स्कलेटर और लिफ्ट लगाया जाएगा। गुरुवार को मजदूरों की टीम ने एक नंबर प्लेटफार्म से फुट ब्रिज तोड़ने का काम शुरू कर दिया। पुरा पुल लोहे का है, जो 140 वर्ष बाद भी ज्यों का त्यों खड़ा है। प्लेटफार्म संख्या दो या तीन पर ट्रेनों के ठहराव के दौरान पुल पर यात्रियों ज्यादा दबाव बढ़ने से खतरा बना हुआ था। इसे देखते हुए रेलवे ने दोनों पुल तोड़ने का निर्णय किया।
बलिया स्टेशन का करोड़ों रुपये की लागत में सुंदरीकरण का कार्य चल रह है। प्लेटफार्म संख्या एक पर बने पुल वर्षो पुराने होने से खतरा बना हुआ था। दोनों रेल पुल को तोड़कर एक नया पुल का निर्माण होगा, जो 12 मीटर चौड़ा होगा। - अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी वाराणसी
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