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चोरी की पांच अष्टधातु की मूर्तियां बरामद

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फेफना। थाना क्षेत्र के खोरीपाकड़ स्थित श्रीराम जानकी मंदिर से 24 जनवरी की रात चोरी हुई अष्टधातु की पांच मूर्तियां फेफना पुलिस ने दरामपुर घाट स्थित वट वृक्ष के पास से शुक्रवार की सुबह बरामद किया। हालांकि इस मामले में आरोपी अभी भी फरार चल रहे है। श्रीराम जानकी मंदिर में करोड़ों रुपये की स्थापित श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, राधे-कृष्ण की अष्टधातु की मूरिरियों पर चोरों ने 24 जनवरी की रात हाथ साफ कर दिया था। वारदात उस सयम हुई थी जब हल्दी थाना क्षेत्र के बसुहपाह निवासी व मंदिर के पुजारी अरुण कुमार पांडेय घटना से दो दिन पूर्व पिता की तबियत खराब होने पर गांव चले गए थे। चोरी की जानकारी सुबह मंदिर में पूजा करने पहुंचे गांव के गिरीजेश राय को हुई। ग्रामीणों ने पांचों मूर्तियों की कीमत 15 करोड़ से अधिक की बताई थी। ग्रामीणों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के विरूद्ध में मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं पूर्व मंत्री नारद राय ने मूर्ति चोरी का एक सप्ताह के अंदर खुलासा न होने पर धरना देने का अल्टीमेटम दिया था। जबकि 25 फरवरी को श्रीराम जानकी मंदिर से चंद्रशेखर नगर तक मानव श्रृखंला बनाकर विरोध जताने का निर्णय भी लिया था। लेकिन शुक्रवार की सुबह दरामपुर घाट पर स्नान करने जा रहे एक व्यक्ति ने वट वृक्ष के नीचे पांचों मूर्तियां देखीं तो ग्रामीणों और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पर पहुंचे फेफना एसओ विनीत मोहन पाठक मूर्तियों को बरामद कर थाने ले आए। पूर्व मंत्री नारद राय के संग थाने पहुंचे ग्रामीणों ने चोरी हुई पांचों मूर्तियों की शिनाख्त की। इसके बाद ग्रामीणों ने श्रीराम, जानकी, लक्ष्मण, राधे-कृष्ण की मूर्तियों को फूल माला पहनाकर जयघोष लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि पशुपति नाथ बाबा की कृपा से चोरी की मूर्तियां बरामद हुई है। उधर, बलिया के नगर विधायक आनंद स्वरुप शुक्ला ने मूर्तियों के बरामद होने पर कहा कि प्रदेश सरकार के हनक से अपराधी भयग्रस्त है। बताया कि वह मूर्तियां बरामद करने के लिए अफसरों पर दबाव बनाए थे।
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