लालगंज। बुधवार को संपूर्ण भारत में चंद्रग्रहण लगेगा। इस चंद्रग्रहण लगने से नौ घंटे पहले सूतक लगने के कारण सभी मंदिर सुबह 7:30 बजे सूतक लगने के कारण पूरे दिन बंद ही रहेंगे। यह संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। शाम को 5 बजकर 18 मिनट पर प्रारंभ होने वाला यह ग्रहण रात्रि 8 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगा। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 24 मिनट होगा। मुरापट्टी निवासी ज्योतिष मिथिलेश दुबे के अनुसार ग्रहण के समय ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियां डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते । जबकि पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए। साथ ही सामान्य दिन से चंद्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना मिलता है। यदि गंगा-जल पास में हो तो चंद्रग्रहण में एक करोड़ गुना फलदायी होता है। इसके साथ ही ग्रहण-काल जप, दीक्षा, मंत्र-साधना (विभिन्न देवों के निमित्त) के लिए उत्तम काल है। ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है।