बलिया। मोबाइल पर तीन तलाक दिए जाने की बात को गलत ठहराते हुए जावेद इकबाल ने कहा कि अपनी पत्नी को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तहत विधिवत तलाक दिया हूं। पत्र जारी कर उसने बताया कि दो गवाहों की मौजूदगी में मेहरदेन की रकम पांच सौ एक रुपये तथा पांच अशर्फी लौटा दिया गया। दुबहर थाना क्षेत्र के घोड़हरा निवासी जावेद इकबाल ने बताया कि अपनी पत्नी शगुफ्ता खातून को पहला तलाक 22 सितंबर 2017 स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा था। दूसरा तलाक एक नवंबर 2017 को तथा तीसरा तलाक दो फरवरी 18 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा था। जिसे उसने प्राप्त भी किया। मेहर की रकम 1,65,501 रुपये है, जिसे चेक के जरिए एक फरवरी 2018 को स्पीड पोस्ट से दिया। उसने बताया कि मुस्लिम पर्सनल ला के तहत तलाक पूर्ण हो चुका है। शगुफ्ता के पिता द्वारा मोबाइल पर तलाक देने का आरोप बेबुनियाद है।