बलिया। प्रदेश सरकार के दूसरे बजट में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए एक हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा का जनपदवासियों ने स्वागत तो किया है लेकिन उनमें निराशा भी है। उनका कहना है कि पूर्वांचल एक्सप्रसे वे का निर्माण होने से उन्हें फायदा तो होगा लेकिन यदि यह एक्सप्रेस वे जिला मुख्यालय से होते हुए अंतिम छोर माझी तक बनाया जाता तो सहूलियत होती। सांसद भरत सिंह के प्रतिनिधि अरुण सिंह गामा ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को लेकर विगत दिनों मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई थी। उस समय सांसद ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को जिला मुख्यालय होते हुए माझी तक बनाने की मांग रखी थी, हालांकि अभी तक इसकी घोषणा नहीं हो सकी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मुख्यमंत्री इस पर निर्णय लेंगे। नगर निवासी शिवप्रवेश ठाकुर का कहना है कि सभी सरकारों ने जनपदवासियों के साथ हमेशा से सौतेला व्यवहार किया है। सांसद, विधायक से लेकर मंत्री तक को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को बलिया तक लाने का सार्थक प्रयास करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे जनपद के अंतिम छोर तक बनता तो यहां के लोगों को राजधानी जाने में आसानी होती। अधिवक्ता मनोज कुमार का कहना है कि बलिया जिला का प्रदेश में अहम स्थान है, लेकिन विकास कार्यों के मामले में इसके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को पूर्व में बलिया तक बनवाने की घोषणा की गई थी, लेकिन बजट और दूरी अधिक होने का हवाला देकर इसे यहां तक नहीं आने दिया गया।