बलिया। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन परीक्षा में 38 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं रिजल्ट जारी होने से पहले ही फेल हो गए हैं। ये वे छात्र हैं, जिन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा छोड़ दी है। बोर्ड के नियमानुसार दोनों ही कक्षाओं में हिंदी की परीक्षा उत्तीर्ण करना हर हाल में अनिवार्य है। इंटरमीडिएट की हिंदी की परीक्षा में 1922 छात्र गैर हाजिर रहे तो हाईस्कूल में गैरहाजिर छात्रों की संख्या 36782 रही। दोनों ही कक्षाओं में कुल 38 हजार 704 छात्र-छात्राएं परीक्षा छोड़ चुके हैं, जो फेल माने जाएंगे। जनपद में इस वर्ष हो रही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 225610 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसमें हाईस्कूल में 127568 और इंटरमीडिएट में 98042 हैं। छह फरवरी को इंटरमीडिएट की हिंदी की परीक्षा थी, जिसमें 1922 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी थी, इसी तरह सात फरवरी को हुई हाईस्कूल की हिंदी की परीक्षा में 36782 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। बताया जाता है कि शासन के निर्देश पर बोर्ड परीक्षा ?नकलविहीन कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा लगवाने से लेकर केंद्र व्यवस्थापक तक के लिए तमाम दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। माना जा रहा है कि नकल पर नकेल का ऐसा असर हुुआ कि नकल माफियाओं की दाल नहीं गली और छात्रों ने परीक्षा से पहले ही अपने हथियार डाल दिए।