बलिया। बोर्ड परीक्षा में मुन्ना भाई और नकलचियों के पकड़े जाने से केंद्र निर्धारण की पोल खुलने लगी है। इससे साफ है कि नकल माफियों ने अंदर खाने खूब तैयारी की है जिसे रोकना प्रशासन के लिए चुनौती भरा काम होगा। हालांकि पहले दिन से ही प्रशासन के कड़े रुख का असर दूसरे दिन भी दिखाई दिया। महीनों पहले से ही नकल विहीन परीक्षा कराने को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद से लेकर जिले स्तर तक कवायद की गई। लेकिन इसके बावजूद शिक्षा माफिया कहीं न कहीं भारी पड़े और येन केन प्रकारेण मनमानी तरीके से केंद्रों का निर्धारण कराने में सफल रहे। शुरुआत में परिषद की ओर से केंद्र निर्धारण के बाबत स्कूलों से ऑनलाइन ब्योरा मांगा गया और अधिकांश स्कूलों ने गलत डाटा फीड किया। अधिकांश स्कूलों ने डाटा में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरा होना बताया जबकि सत्यापन में इसका खुलासा हुआ। इतना ही नहीं परीक्षा शुरु होने के बाद भी सीसीटीवी कैमरा व फर्नीचर को लेकर कमियां सामने आने लगी हैं। पहले दिन डीएम-एसपी के निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कई ऐसे केंद्र हैं जहां वाहन नहीं पहुंच सकते हैं। इससे साफ है कि केंद्र निर्धारण को अंतिम रुप देने में लापरवाही बरती है। नकल माफियाओं ने अंदर खाने सभी तरह की तैयारियां कर रखी हैं। इसका खुलासा भी दो दिनों की परीक्षा में पकड़े मुन्ना भाई व बीए पास करके फिर से हाईस्कूल का परीक्षा देने वाले से हो चुका है। सूत्रों की मानें तो अभी भी कई ऐसे केंद्र हैं जहां परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठक कर परीक्षा देना पड़ रहा है सीसीटीवी कैमरे से बचते हुए नकल का भी इंतजाम किया गया है। एएन राय, जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और कार्रवाई भी की जा रही है। केेंद्र निर्धारण में निर्धारित मानक नहीं पूरा करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा के दौरान सभी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है।