रसड़ा। विकास खण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रधान सचिव एवं ब्लाक कर्मियों की मनमानी से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा। जहां गरीब सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भागदौड़ कर रहे तो वहीं बिना सुविधा शुल्क उनका काम नहीं हो रहा। केन्द्र सरकार द्वारा हर गरीब को मकान देने की मंशा तार-तार होती नजर आ रही है। सरकार द्वारा 2011के सामाजिक आर्थिक आधार पर क्रमवार आवास देने की योजना निर्धारित किया है। इस योजना में स्पष्ट निर्देश है कि इसमें प्रधान एवं सचिव सहित किसी कर्मचारी का कोई विशेष अधिकार नहीं है कि किसी को भी आवास दिला सके। यदि कोई व्यक्ति आवास के नाम पर अवैध रूप से पैसा मांगता है तो इसकी सूचना 0522-2286025 / 2286023 के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी 9454464611 पर सूचना देना है। लेकिन इससे इतर ब्लाक के लगभग अधिकांश गावों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही। अभी भी प्रधान सचिव एवम कर्मचारियों द्वारा अपात्रों को पात्र तथा पात्रों को अपात्र कर आवास का वितरण किया जा रहा। 20 से 30 हजार तक वसूली धड़ल्ले से की जा रही। अभी भी बिना सुविधा शुल्क दिए काम नहीं हो रहा। आवास की सूची बनाने में भी खूब खेल खेला गया है। बिना बैठक कराये ही प्रधानों एवं सचिवों ने मनमाने तरीके से सूची तैयार कर शासन को भेज दिया है। जिससे अनेक गरीब सूची में नाम चढ़वाने के लिये गांव सभा एवं ब्लाक मुख्यालय का चक्कर लगा रहे है। क्षेत्र के जय प्रकाश सिंह,राम नरायन यादव, राजन, निर्भय सिंह, राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि अधिकारियों को शिकायत करना भी बेमतलब साबित हो रहा है। उन्होंने इस प्रकरण में मुख्यमंत्री दरबार में जाने की बात कही।