जयप्रकाशनगर। द्वाबा के पूर्वी छोर पर स्थित गंगा-घाघरा के मध्य नरहरिपुरी स्थित बाबा श्री नरहरि धाम मठ है। जिसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मठ के मठाधीश श्री बनारसी बाबा बताते हैं कि इस स्थान का वर्णन श्री वाल्मीकि रामायण में किया गया है। जिसमें यह कहा गया है कि यह स्थान कभी भगवान शिव की तपोस्थली रहा है। यहां विश्वामित्र जनकपुर जाते वक्त श्रीराम व लक्ष्मण के साथ एक रात विश्राम किया था। जहां सुबह उठकर हवनात्मक कार्य कर मठ के पूर्वी छोर गंगा व सरयू नदी के संगम की जगह पर नदी पार करते वक्त श्रीराम और लक्ष्मण का वर्णन करते हैं। उसी समय से यह स्थान द्वाबा का बाबा धाम कहा जाता है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आखिरी सोमवार पर विशेष तैयारी है।