जयप्रकाशनगर (बलिया)। घाघरा के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहने से तटवर्ती गांवों के लोग चिंतित हो गए हैं। मुरली छपरा क्षेत्र के चांददीयर पंचायत के किसानों की कृषि योग्य करीब एक एकड़ भूमि को अपने आगोश में शनिवार को ले लिया। क्षेत्र के चांददीयर ग्राम पंचायत के चांददीयर व यादव नगर सहित कई गावों के किसानों की कृषि योग्य भूमि को घाघरा अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है जिससे किसान सकते में हैं। ग्रामीण इस बात लेकर दहशत में हैं कि इस भूमि के कटने के बाद घाघरा का रुख सीधे चांददीयर गांव की ओर करेगी और अठगांवा वाला विभत्स रूप का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद शासन प्रशासन उदासीनता बरत रहा है। चांददीयर पंचायत में कई गांवों के किसानों की कृषि योग्य भूमि पड़ती है। जिसमे कई किसानों की भूमि को पिछले तीन वर्षों में घाघरा अपने आगोश में ले चुकी है। शुक्रवार से ही घाघरा में बढ़ाव जारी है और धीरे-धीरे घाघरा ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तीन दिनों में करीब तीन एकड़ भूमि को अपने आगोश में ले लिया। यहां के बाशिंदों में घाघरा नदी के इस उग्र रूप से भय का माहौल बन चुका है। अबतक चांददीयर गांव के रामचंद्र यादव, जनार्दन यादव, हृदया यादव, रामप्रवेश यादव, शिवनाथ यादव, योगेंद्र यादव आदि की तीन एकड़ भूमि को घाघरा ने आगोश में ले लिया है वहीं घाघरा के मुहाने पर रामजन्म सिंह, शिवमंगल सिंह, शिवविचार यादव, गौरी चौबे, बालेश्वर सिंह, उदय प्रताप सिंह आदि की कृषि योग्य भूमि है जिसे घाघरा कभी भी निगल सकती है।