अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट हरिश्चंद्र की अदालत ने नाबालिग को बहला फुसलाकर अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 10 वर्ष की सश्रम करवास व 65000 के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वादी मुकदमा ने आरोप लगाया था कि दो दिसंबर 2015 को उसकी 15 वर्षीय पुत्री पढ़ने के लिए बांसडीह गई थी। उसे मनोज बिंद पुत्र कृष्ण और अखिलेश बिंद पुत्र श्यामजी बहला फुसलाकर कर भगा ले गए। पूछने के लिए उनके परिवार वालों के घर गई परिवार वालों ने धमकी दी। इसकी एफआईआर बांसडीह थाने में दर्ज कराई गई।
विवेचना के दौरान अभियुक्त के खिलाफ नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म करने की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन की तरफ से दिनेश कुमार सिंह विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त अखिलेश बिंद के खिलाफ दोष सिद्ध पाया और उक्त सजा सुनाई। अन्य अभियुक्त मनोज बिंद के फरार हो जाने के कारण न्यायालय द्वारा उसकी पत्रावली अलग कर दी है।