बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी की अदालत ने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एक अभियुक्त को दोषी करार दिया। 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। मामले के छह अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
वादिनी ने थाना बांसडीह रोड में 17 मई 2011 को सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि अपहरण करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। मामले में कलामुद्दीन, इमरान, इसहाक, आसमा खातून, शिवजी गोड़, मुन्नी देवी, शिवजी राजभर निवासी ग्राम तिवारी थाना बांसडीह रोड को आरोपी बनाया गया था। साक्ष्यों के अवलोकन और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त इसहाक को दोषी पाया। 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। छह अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।