बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी की अदालत ने घर में घुसकर गाली गलौज करने, मारपीट करने और हत्या के मामले में आठ दोषियों को 10 वर्ष की सश्रम कारावास और 20-20 हजार का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को तीन तीन माह का अतिरिक्त करवास भोगना होगा।
वादी मुकदमा ने सहतवार थाने पर 9 अक्टूबर 2009 को सूचना दी थी कि 9 अक्टूबर 2009 को उसके पड़ोसी एक राय होकर लाठी डंडा लेकर आंगन में घुसकर नाली की खुदाई कर रहे थे। विरोध करने पर मारने पीटने लगे। चंद्रिका पुत्र अनुग्रहित अन्य लोग जख्मी थे। चंद्रिका की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। इसका मुकदमा थाना सहतवार पर दर्ज हुआ था।
अभियोजन की तरफ से विनोद भारद्वाज सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी को बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त प्रवीण पुत्र लालधारी, शिवजी पुत्र प्रवीण राम, सुदर्शन पुत्र देव मुनि, रामदेव पुत्र लालधारी, मनजी पुत्र देवकांत, शंकर पुत्र जनार्दन, अमरनाथ पुत्र गोयल, हरिशंकर पुत्र सुदर्शन निवासी परासिया थाना सहतवार के खिलाफ दोष साबित पाया। प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कारावास और 20-20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।