खैरीघाट (बहराइच)। हरदी थाना क्षेत्र में भेड़िए का हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की रात भेड़िए ने कटैलापुरवा निवासी राजपत (08) पर हमला कर उसे घायल कर दिया। परिजनों के जाग जाने से बालक की जान बच सकी। हमले के बाद लोगों में दहशत और वन विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया है।
राजपत शुक्रवार की रात परिजनों के साथ घर पर सो रहा था। इस दौरान भेड़िए ने उस पर हमला कर दिया। राजपत की चीख सुनकर पास सो रहे परिजनों की आंख खुल गई। परिजनों ने हांका लगाते हुए शोर मचाया, तो भेड़िया राजपत को छोड़कर खेतों की ओर भाग गया। परिजनों ने तत्काल हमले की सूचना वनविभाग को दी और बेटे को इलाज के लिए चिकित्सक के यहां पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। शुुक्रवार को हुए हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है। साथ ही लोग वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
दो मासूमों का शिकार और सात को कर चुका है घायल
भेड़िया अब तक नकवा निवासी प्रतिभा (2) व मक्कापुरवा निवासी अख्तर रजा (डेढ़ वर्ष) को मौत के घाट उतार चुका है। वहीं सुखरामपुरवा निवासी सोनू (8), नथुवापुर निवासी फकीरे (70) व फकीरे की बहू संपत (20) आदि को घायल कर चुका है। यही नहीं मंगलवार की रात सिसैया चूड़ामड़ि निवासी मखाना (80) व सोनम (10) को घायल किया है। वहीं शुक्रवार की रात राजपत पर हमला कर दिया।
गन्ना अधिक होने से आ रही दिक्कत
भेड़िए को बहुत ही जल्द पकड़ लिया जाएगा। पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। गन्ना अधिक होने से थोड़ी दिक्कत हो रही है। -मोहम्मद साकिब, वन क्षेत्राधिकारी महसी
पिंजरे में कैद हुआ एक भेड़िया, मौत
महसी (बहराइच)। महसी क्षेत्र के चूड़ामणि गांव के पास लगे पिंजरे में मादा भेड़िया कैद हो गई। उसे रेंज कार्यालय लाया गया। देर शाम उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि जो भेड़िया पकड़ा गया है वह दूसरा है। आदमखोर भेड़िया अभी पकड़ा नहीं जा सका है। डीएफओ अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
बाघ दिखने की चर्चा से सहमे लोग
महसी (बहराइच)। हरदी में भेड़िए का आतंक थमा नहीं था कि बाघ दिखने की चर्चाओं ने लोगों को सहमा दिया है। शुक्रवार की रात चुरईपुरवा में रखवाली कर रहे लोगों ने गन्ने के खेत में बाघ दिखने का दावा किया। इसके बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शनिवार को दिन में बाघ के डर से लोग गुट बनाकर निकले और गन्ने में उसकी तलाश करते रहे। वन क्षेत्राधिकारी महसी मोहम्मद साकिब का कहना है कि सूचना पर फॉरेस्ट गार्ड्स को भेजा गया था। अभी कोई पगचिह्न नहीं मिले हैं।