मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग की सड़कों पर अक्सर हाथियों का जमावड़ा होने से लोग परेशान हैं। क्षेत्र के बिछिया-गिरजापुरी मार्ग पर शनिवार और रविवार रात को करीब दो दर्जन से अधिक जंगली हाथियों का झुंड आ जाने से आवागमन काफी देर तक बाधित रहा।
इससे बिछिया से गिरजापुरी जाने-आने वालों के कई वाहन खड़े रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस समय कतर्नियाघाट में काफी संख्या में हाथी गेरुहा नदी के तट से निशानगाड़ा रेंज व सुजौली रेंज में विचरण कर रहे हैं। ये हाथी आसपास के गांवों में फसलों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। हाथियों के गांव के नजदीक पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
कतर्नियाघाट के वन क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों के तीन झुंड विचरण कर रहे हैं। ये हाथी सुजौली, निशानगाड़ा व कतर्नियाघाट रेंज के जंगल में लगातार घूम रहे हैं। कई बार जंगल से निकलकर हाथी आसपास के खेतों और सड़क पर पहुंच जाते है।
इसकी जानकारी होने पर वनकर्मियों की टीम हाथियों को जंगल की तरफ भगाती है। इसके साथ ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। उन्हें हाथी को खदेड़ने के लिए पटाखे दागने के साथ अन्य उपायों के बारे में बताया जा रहा है।
निशानगाड़ा में तेंदुआ ने बकरी को बनाया निवाला
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में तेंदुओं के हमले थम नहीं रहे हैं। रविवार रात तेंदुए ने एक बकरी को निवाला बना लिया। यह घटना निशानगाड़ा वन रेंज के ग्राम राजाराम टांडा में हुई। रात में छलांग लगाकर एक मकान में दाखिल हुए तेंदुए ने अन्दर आंगन में बंधी बकरी को निवाला बना लिया। घटना की जानकारी होने पर परिवार के लोगों ने शोर मचाकर तेंदुआ को जंगल की तरफ भगाया। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने वन क्षेत्राधिकारी राधेश्याम को दी। इसके बाद गांव पहुंचे वन रक्षक कौशल किशोर ने घटना की जांच की। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया। (संवाद)