जरवलरोड (बहराइच)। गोंडा-लखनऊ हाईवे पर तूफानी चौराहा के पास शुक्रवार को बेकाबू ट्रेलर फुटपाथ दुकानदार व राहगीरों को रौंदते हुए मंदिर की दीवार से टकरा गया। उसकी चपेट में आकर दुकानदार सहित दो लोगों की मौत हो गई और छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दो घायलों को सीएचसी से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने ट्रेलर चालक को पकड़ लिया है।
जरवलरोड थानाक्षेत्र में लखनऊ-गोंडा मार्ग पर लखनऊ से गोंडा की तरफ जा रहा ट्रेलर अनियंत्रित होकर तूफानी चौराहे पर बिजली का पोल तोड़ते हुए काली मंदिर की दीवार से टकरा गया। उसकी चपेट में आने से कैसरगंज के नत्थनपुर निवासी मस्तराम (28) व गोंडा के करनैलगंज कोनहटा निवासी हरीलाल की बेटी अदिति (07) की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं ग्राम परसा निवासी नंगू, कर्नलगंज पचमरी निवासी अशोक, गोंडा बसंतपुर निवासी सुनील, कोनहटा कर्नलगंज निवासी बेबी, अलीनगर निवासी पप्पू गुप्ता और परसा निवासी शहजादी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा देख आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से सीएसीची मुस्तफाबाद पहुंचाया। वहां के अधीक्षक डॉ. कुंवर रितेश ने बताया कि नंगू और अशोक की हालत गंभीर होने पर ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है। मृतकों के परिजन बदहवास हैं। मस्तराम की पत्नी अमिता बेसुध हैं। जरवलरोड थानाध्यक्ष बृजराज प्रसाद का कहना है कि ट्रेलर चालक को हिरासत में ले लिया गया है।
जुमे की नमाज के चलते चौराहे पर कम थी भीड़
स्थानीय लोगों का कहना है कि गनीमत यह रही कि घटना वाले दिन जुमे की नमाज के चलते चौराहा के पास लगने वाली फल व सब्जी की दुकानें नहीं थीं। नहीं तो और अधिक जनहानि हो सकती थी।
मौत खींचकर ले आई दुकान
मस्तराम के परिजनों का कहना रहा कि हादसे से कुछ देर पहले ही वह अपने ससुर सुंदर को घर पर भोजन के लिए भेजकर दुकान पर बैठ गए थे। उसी समय ट्रेलर की चपेट में आकर मौत हो गई। ससुर मोची का काम करते हैं और वह उन्हीं के साथ ससुराल में रहते थे।
साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
स्थानीय लोगों में से कुछ का कहना रहा कि ट्रेलर के आगे एक साइकिल जा रही थी। साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में ट्रेलर बेकाबू हो गया और लोगों को रौंदाता हुआ मंदिर की दीवार से टकरा गया।
हादसे के बाद बाजार में पसरा सन्नाटा, बंद हुईं दुकानें
दुर्घटना के बाद लोगों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया और लोग राहत व बचाव कार्य में जुट गए। वहीं कुछ समय बाद हादसे में हुई मौतों के चलते सन्नाटा छा गया और चौराहे पर मौजूद दुकानदार दुकानें बंद कर घर चले गए। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के बाद यातायात भी बहाल करा दिया गया।