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बहराइच : दस की जगह सिर्फ एक डॉक्टर मिला, दो निलंबित, जिलाधिकारी ने फटकारा

Tue, 30 Aug 2022 08:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, बहराइच

सार

20 अगस्त को पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने जो हालात देखे, उसकी रिपोर्ट बनाकर उन्होंने कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी थी।
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पयागपुर सीएचसी का निरीक्षण करते डीएम। - फोटो : BAHRAICH
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विस्तार
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बहराइच जिले में पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात बेपरवाह डॉक्टरों का व्यवस्था को चुनौती देना रविवार को भारी पड़ गया। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से लगातार चेतावनी देने के बाद भी जब डॉक्टर नहीं माने तो जिलाधिकारी ने स्वयं औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सिर्फ एक डॉक्टर मौजूद मिला जबकि नौ मौके से नदारद मिले। आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भी नदारद मिला। हालात देख भड़के जिलाधिकारी ने दो सर्वाधिक बेपरवाह डॉक्टरों के निलंबन की संस्तुति कर दी है।

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गौरतलब हो कि विगत 20 अगस्त को पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने जो हालात देखे, उसकी रिपोर्ट बनाकर उन्होंने कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी थी। उधर, अमर उजाला ने ‘निजी अस्पताल में बैठेंगे, तनख्वाह सीएचसी से लेंगे’ शीर्षक से खबर भी प्रकाशित की। जिसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बेपरवाह डाक्टरों को फटकार लगाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ड्यूटी करने का आदेश दिया था। लेकिन दूसरे दिन जब अमर उजाला ने सीएचसी में रिपोर्टर भेजकर जांच परीक्षण कराया तो उस समय भी चार डॉक्टर और तीन कर्मचारी नदारद पाए गए थे। इस खबर को भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। हालात देख नाराज जिलाधिकारी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में बैठक की और सीएमओ को पयागपुर प्रकरण पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। हालांकि सीएमओ स्तर पर देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र रविवार को स्वयं पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। इस दौरान वहां पर केवल सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास सोनी मौजूद मिले। जबकि नौ डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। 

अवैध रूप से संचालित मिला नर्सिंग होम
डीएम के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट ज्योति राय के नेतृत्व में सीएमओ डॉ. एसके सिंह व नगर कोतवाली पुलिस ने दोपहर डेढ़ बजे डिगिहा तिराहा स्थित एके अस्पताल पहुंच कर छापा मारा। यहां आईसीयू में लगभग एक दर्जन बच्चे भर्ती पाए गए। इसके साथ ही काफी संख्या में अस्थि रोग, सर्जरी समेत अन्य वार्डों में भी मरीज भर्ती मिले, लेकिन यहां कोई भी चिकित्सक व चिकित्सा कर्मी मौजूद नहीं मिला। संभावना यह व्यक्त की जा रही है कि छापे की सूचना मिलते ही सभी मौके से फरार हो गए। लगभग एक घंटे तक इंतजार के बाद सभी अधिकारी लौट गए। नगर मजिस्ट्रेट ज्योति राय ने बताया कि नर्सिंग होम बिना पंजीकरण के संचालित होता मिला है। यहां भर्ती सभी मरीजों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद उनके आदेश पर कार्रवाई होगी। डीएम की इस कार्रवाई से अन्य नर्सिंग होम संचालक भी सहमे नजर आए।
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कभी कभार आने वाले डॉक्टरों पर भी होगी कार्रवाई
एडीएम की जांच में डॉक्टरों के नदारद रहने की जो आख्या मिली थी वह मेरे निरीक्षण के दौरान सत्य पाई गई। दो डॉक्टर ऐसे पाए गए जो निर्देश के बाद भी सीएचसी में नहीं पहुंचे थे। उन्हें निलंबित करने को कहा गया है। इसके अलावा जो अन्य डॉक्टर हैं वह कभी-कभी नहीं आते हैं। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी बहराइच

जनता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
सरकार गरीब जनता के इलाज में बहुत पैसा खर्च कर रही है। लेकिन यहां तैनात डॉक्टर अपने कर्तव्यों को भूलकर दूसरे कार्यों को कर रहे हैं। जनता के साथ हम सौतेला बर्ताव नहीं होने देंगे। विशेश्वरगंज और हुजूरपुर में भी जल्द निरीक्षण करेंगे। पयागपुर सीएचसी के लिए एक प्राइवेट एंबुलेंस का भी शुभारंभ रविवार को किया है। उससे भी पयागपुर की जनता को लाभ मिलेगा
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-सुभाष त्रिपाठी, विधायक पयागपुर

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