बहराइच। सात साल पहले शहर में नव निर्मित ट्रॉमा सेंटर के संचालन की कवायद स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। अभी तक मेडिकल कॉलेज व सीएमओ के बीच इसके संचालन का काम लटका हुआ था। अब मेडिकल कॉलेज द्वारा ट्रामा सेंटर के संचालन करने की बात तय हुई है। हालांकि जहां ट्रामा सेंटर बना है वह भूमि सीएमओ के अधीन है।
ऐसे में भूमि स्थानांनतरित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसके संचालन का कार्य शुरू हो सकेगा। जल्द ही ट्रामा सेंटर शुरू होने से मरीजों को भी काफी फायदा हो सकेगा। शहर के चांदपुरा इलाके में करीब 7 साल पूर्व ट्रॉमा सेंटर का निर्माण शुरू कराया गया था। कार्यदायी संस्था को शासन की ओर से 205.36 लाख रुपये का बजट दिया गया था। ट्रॉमा सेंटर के भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भवन हस्तांतरित कर दिया था। लेकिन सात साल के बाद भी ट्रॉमा सेंटर अभी तक शुरू नहीं हो सका था।
इसको देखते हुए डीएम मोनिका रानी ने राज्य चिकित्सा महाविद्यालय व सीएमओ के बीच वार्ता करवाकर ट्रामा सेंटर के संचालन को जल्द ही शुरू कराने का काम तेज किया है। अब ट्राॅमा सेंटर मेडिकल कॉलेज के निर्देशन में संचालित होगा। शासन से अब नव निर्मित ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सा कर्मियों की तैनाती और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल कॉलेज के स्तर से बजट मांगा गया है।
शासन की ओर से बजट मिलते ही जल्द से जल्द सभी सुविधाएं पूरी कर ट्रॉमा सेंटर शुरू करा दिया जाएगा। जिले में ही ट्रॉमा सेंटर के संचालन से मरीजों को गंभीर व तत्काल मिलने वाले इलाज के लिए लखनऊ का चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा।
ट्रामा सेंटर में यह होंगी व्यवस्थाएं
ट्रॉमा सेंटर का भवन बनकर तैयार हो गया है। भवन में विभिन्न रोगों के लिए अलग-अलग वार्ड स्थापित किए गए हैं। ऑपरेशन थियेटर की भी स्थापना होगी। ट्रॉमा सेंटर में बर्न वार्ड व आर्थोपैडिक वार्ड का निर्माण होगा। मैन पावर व संसाधनों की उपलब्धता की जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही ये कवायद पूरी कर ली जाएगी।
टॉमा सेंटर में इन पदों की दरकार
-02 जनरल सर्जन
-02 आर्थोपैडिक सर्जन
-02 नेत्र सर्जन
06- इएमओ
-06 ओटी टेक्नीशियन
-15 स्टाफ नर्स
-05 एक्स-रे टैक्नीशियन
-05 लैब टैक्नीशियन
-09 नर्सिंग अस्सिटेंट
-09 मल्टी टॉस्क वर्कर्स
शहर स्थित ट्रामा सेंटर का संचालन जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
मोनिका रानी, डीएम