मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट जंगल 16 जून से बंद हो जाएगा। पर्यटक अभी बुधवार व गुरुवार को जंगल की सैर कर सकते हैं। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र का जंगल 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वन क्षेत्र के अन्तर्गत कतर्नियाघाट, निशानगाड़ा, सुजौली, मुर्तिहा, धर्मापुर, मोतीपुर और ककरहा रेंज आते हैं। जंगल में बाघ, तेंदुआ, बारहसिंघा, चीतल, पाढ़ा, गैंडा, हाथी तथा विभिन्न प्रकार के वन्य जीव पाए जाते हैं।
इसके साथ ही जंगल के बीच से गुजरने वाली गेरूवा, कौड़ियाला नदी में अठखेलियां करती डॉल्फिन, कछुआ, मगरमच्छ और घड़ियाल आकर्ष का केंद्र होते हैं। पर्यटकों के रात्रि विश्राम के लिए मोतीपुर में तीन थारू हट डारमेट्री व गेस्ट हाउस हैं।
ककरहा में तीन थारूहट व पांच गेस्ट हाउस, पांच अस्थायी टेंट थारूहट, निशानगाड़ा में एक टेंट डारमेट्री कैंटीन, गेस्ट हाउस डारमेट्री के कई सूट तथा कतर्नियाघाट में आठ थारू हट गेस्ट हाउस डारमेट्री उपलब्ध है। इनकी बुकिंग ऑनलाइन कर जंगल में रात्रि विश्राम किया जा सकता है। जंगल भ्रमण के लिए वन विभाग की सफारी गाड़ी ली जा सकती है।
14 नवंबर तक बंद रहेगा कतर्नियाघाट
प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बाधवान ने बताया कि कतर्नियाघाट सेंक्चुरी क्षेत्र में 16 जून से 14 नवंबर तक पर्यटकों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहती है। 15 जून से जंगल में मानसून सीजन शुरू हो जाता है। इसलिए 16 जून से 14 नवंबर तक जंगल बंद रहेगा। इस दौरान जंगल में किसी पर्यटक को प्रवेश नहीं दिया जाता है।