गांव में आधार जांच के बाद मिल रहा प्रवेश
हत्याकांड के बाद से परेशाह हैं रेहुवा के ग्रामीणों
फोटो- 12, 13माई सिटी रिपोर्टर
बहराइच। महराजगंज कस्बे में विसर्जन जुलूस के दौरान हुई पत्थरबाजी व रेहुवा निवासी रामगोपाल मिश्रा की गोली मार कर हत्या के बाद से यहां के ग्रामीणों की जिंदगी बदल गई है। गांव जाने वाले चारों रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्ग बंद कर दिया है। वहीं सभी बैरिकेडिंग पर भारी मात्रा में पुलिस तैनात है। यही नहीं रेहुवा गांव में भी जगह-जगह व मृतक रामगोपाल के घर भी भारी फोर्स तैनात है और बाहरी लोगों को जाने नहीं दिया जा रहा है। किसी को भी परिजनों से मिलने पर पाबंदी है।
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इन रास्तों पर की गई बैरिकेडिंग
मृतक रामगोपाल मिश्रा के गांव रेहुवा मंसूर जाने के लिए चार रास्ते हैं। लेकिन घटना के बाद से पुलिस ने चारों रास्तों खर्चहा चौराहा, सोतिया भट्ठा, महेशपुरवा व रेहुवा मोड़ पर बांस-बल्ली से बैरिकेडिंग की है। वहीं बैरिकेड को 24 घंटे बंद रखा जाता है।
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आधार कार्ड व पूछताछ से तंग आ चुके ग्रामीण
रेहुवा मंसूर गांव जाने के लिए ग्रामीणों को बैरिकेडिंग पर तैनात पुलिस कर्मी रोक रहे हैं और उनके आधार कार्ड की मांग की जा रही है। आधार व पहचान साबित करने के बाद ही ग्रामीणों को प्रवेश दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित है और लोग परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें दिन में कई बार जरुरी कार्यों के लिए घर से निकलना होता है। लेकिन कड़ी पूछताछ के चलते हम लोग कम ही निकल रहे हैं।
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सिर्फ मीडिया व राजनेताओं पर रोक
खर्चहा चौराहे पर तैनात उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह से बैरिकेटिंग व ग्रामीणों को हो रही परेशानी पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि सिर्फ मीडिया कर्मियों व राजनेताओं के गांव जाने पर रोक है। सामान्य ग्रामीणों को नहीं रोका जा रहा।