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तीन मकान व 50 बीघा खेत नदी में समाए

लखनऊ ब्यूरो Updated Mon, 16 Sep 2019 10:18 PM IST
महसी के अटोडर प्राथमिक स्कूल में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : BAHRAICH
हसी (बहराइच)। महसी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का पानी तबाही मचाए हुए है। नदी का जलस्तर छह सेंटीमीटर घटा है, जिसके चलते नदी ने अब कटान तेज कर दी है। सोमवार को कोढ़वा गांव में तीन मकान नदी में कटकर समा गए। जबकि 50 बीघा धान व गन्ने की फसल भी नदी की धारा में बह गई। कोढ़वा गांव के पांच मकान कटान के मुहाने पर हैं।
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नदी तेजी से कटान करते हुए तटबंध की ओर बढ़ रही है। महसी क्षेत्र के 12 गांवों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा है, जबकि 10 गांव पानी से घिरे हुए हैं। इससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उन्हें विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
वहीं, कई स्कूलों में पानी भरा हुआ है, जिसके चलते मकान में कक्षाएं चलायी जा रही हैं। रास्तों पर भरे पानी के बीच से होकर छात्र आवागमन करने को मजबूर हैं। तहसीलदार ने आपदा प्रबंधन टीम के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया है। स्कूली बच्चों को ऊंचे स्थानों पर ले जाकर शिक्षण कार्य कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही तेज बरसात के कारण नदी का पानी तेजी के साथ बढ़ना शुरू हो गया था। दो दिनों से गिरिजापुरी बैराज, शारदा बैराज और बनबसा बैराज से छोड़े गए पांच लाख क्यूसेक पानी ने घाघरा के जलस्तर में इजाफा कर दिया था। जिससे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान को पार कर गई थी। जबकि महसी में भी नदी खतरे के निशान को छूने के लिए बेताब नजर आ रही थी।
इससे महसी तहसील क्षेत्र के 12 गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिर गए थे। जबकि 10 गांवों में पानी भर गया था। यहां सोमवार को भी हालात खराब रहे। घरों में पानी घुसने से लोग बाहर निकलने से बचते दिखे। घाघरा नदी का जलस्तर करीब छह सेंटीमीटर कम हुआ है। इसके चलते कटान भी तेज हो गई है।
महसी तहसील क्षेत्र के कोढ़वा गांव में किसानों की 50 बीघा फसल लगी हुई जमीन नदी में समाहित हो गई है। वहीं गांव निवासी गोविंद प्रसाद, विनय कुमार और गोविंदा कुमार के मकान भी कटकर नदी में समा गए। गांव निवासी संजय, सुबोध, माधुरी और रमेश समेत पांच लोगों के मकान कटान के मुहाने पर हैं।
तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अटोडर, प्राथमिक विद्यालय टुड़ौनी और पूर्व माध्यमिक विद्यालय अटोडर व प्राथमिक विद्यालय गोलागंज में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जिससे सोमवार को शिक्षण कार्य पूरी तरह से बाधित रहा। यहां के बच्चों को पास ही स्थित एक मकान में प्रधानाध्यापक राजेश यादव पढ़ाते हुए मिले। बाढ़ का पानी रामदहिनपुरवा, राजबलीपुरवा, चुरईपुरवा, जानकी नगर, पूरे प्रसाद, मांझा दरिया बुर्द आदि गांवों में भी लोगों की मुश्किलों को बढ़ाए हुए है।
तहसीलदार ने प्रभावित गांवों का किया दौरा
महसी तहसील के तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने आपदा प्रबंधन टीम के समन्वयक प्रवीन किशोर व सुनील कनौजिया के साथ बाढ़ प्रभावित कोढ़वा, पिपरा, बौंडी, गोलागंज और कायमपुर गांव का दौरा किया। तहसीलदार ने तहसीलदार ने कोढ़वा गांव में नदी की कटान में अपना मकान गंवाने वाले गोविंद प्रसाद, विनय और गोविंदा कुमार को 1.20-1.20 लाख रुपये के अहेतुक सहायता के चेक प्रदान किए। तहसीलदार ने बताया कि प्रभावित गांवों में अभी ंभी नावों को लगा रखा गया है। निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक श्यामसुंदर तिवारी, क्षेत्रीय लेखपाल बाला प्रसाद पांडेय आदि मौजूद रहे।
इंसेट
नदी का जलस्तर एक नजर में-
नदी का जलस्तर- 111.536 सेंटीमीटर
खतरे का निशान- 112.50 सेंटीमीटर
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