बहराइच। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 16 फरवरी से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा की तिथियां घोषित करते ही इसके आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में मोनोग्राम व बार कोड अंकित उत्तर पुस्तिकाओं का प्रयोग किया जाएगा ताकिन कल माफिया पर अंकुश लग सके ।
बोर्ड परीक्षा में बीते वर्ष 53 हजार 575 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे जबकि इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस वर्ष हाईस्कूल में 21,911 छात्र व 14,728 छात्राओं समेत 36,639 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इसी प्रकार इंटरमीडिएट परीक्षा में 16,681 छात्रों व 10,738 छात्राओं समेत कुल 27,419 परीक्षार्थी हैं। इस प्रकार बीते वर्ष के सापेेक्ष इस वर्ष 10,483 परीक्षार्थी बढ़े हैं।
परीक्षा के लिए जिले में कुल 118 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया है। पूर्व में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में विभिन्न केंद्रों पर नकल होने की शिकायतें आती रहती थीं। विशेषकर ग्रामीण अंचलों में स्थित इंटर कॉलेजों में नकल होने व उत्तर पुस्तिकाओं के बदले जाने के आरोप भी लगे थे।
ऐसे में इस वर्ष नकल पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा मोनोग्राम व बार कोड अंकित उत्तर पुस्तिकाओं का प्रयोग किया जाएगा। इससे कॉपियों को बदला नहीं जा सकेगा और नकल पर अंकुश लगेगा।
बोर्ड परीक्षा में प्रयोग की जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में स्ट्रांग रूम बनाया जा रहा है। परिषद की ओर से भेजी जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को यहीं कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा। परीक्षा शुरू होने पर उत्तर पुस्तिकाओं को जिले में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर भेजा जाएगा।
बोर्ड परीक्षा के आयोजन के लिए प्रथम चरण में लगभग डेढ़ लाख अ उत्तर पुस्तिकाएं व 50 हजार ब उत्तर पुस्तिकाएं आएंगी। इसके बाद परीक्षार्थियों की उपस्थिति व अनुपस्थिति को देखते हुए उत्तर पुस्तिकाएं राजकीय मुद्रणालय से मंगाने पर विचार किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन से पहले 16 जनवरी से सभी विद्यालयों को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्री बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन कराना है। इसके लिए विद्यालयों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जबकि प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन जिले में आगामी 21 से 28 जनवरी के मध्य कराया जाएगा।
पाठ्यक्रम पूरा कराने पर भी देंगे जोर
विभिन्न विद्यालयों में अभी तक पाठ्यक्रम पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में परीक्षाओं की तिथियां घोषित हो जाने से विद्यालयों के प्रवक्ताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। छात्र-छात्राएं भी मायूस चल रहे हैं। भीषण शीतलहर के कारण बीते लगभग 15 दिनों से विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी काफी कम है। विद्यालयों में औसतन अभी तक 75 से 80 प्रतिशत पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जा सका है।
प्रभारी डीआईओएस उदयराज का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन व शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षाएं होंगी। जिन विद्यालयों में कोर्स अभी तक नहीं पूरा कराया गया है वहां कोर्स पूरा कराने के लिए प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए जा रहे हैं।