बहराइच। सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की नर्सरी डालने और नर्सरी डाल चुके किसानों को सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है लेकिन जिले की एक दर्जन से अधिक नहरें सूखी हैं। परेशान किसान महंगे डीजल पंप से सिंचाई करने को मजबूर हैं।
एक दर्जन से अधिक गांवों की आस सूखी
पयागपुर। श्रावस्ती जिले के गिलौला से चेसार जाने वाली मुख्य नहर से जुड़ी अमदापुर माइनर में इन दिनों सूखी पड़ी हैं। इस माइनर से पयागपुर के पैतोरा, बारीपुरवा, कांधीकुइन्या, जैसौरा समेत दर्जनों गांवों की सिंचाई होती है। किसान ओम प्रकाश, गुड्डू, जाबिर अली, ननके आदि ने बताया कि धान की नर्सरी सूख रही है और जरूरत के समय पानी नहीं मिल पा रहा है।
माइनर में उड़ रही धूल
अगैया। भरतापुर से भलुहिया भारत तक जाने वाली नहर से भरतापुर, कोदरैला, मधुवन, हथमरवा, प्रेम नगर, तुलसी पुर, भलुहिया भारत, सम्मन गांव समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान सिंचाई करते हैं। लेकिन इस माइनर में धूल उड़ रही है। किसान अमरनाथ वर्मा, दुलारे, राम मनोहर वर्मा, राम दयाल, राम सहारे आदि ने बताया कि जिम्मेदारों को सूचना दी गई थी लेकिन पानी नहीं आया। धान की नर्सरी डालने में समस्या हो रही है।
मानसून के साथ-साथ नहरें भी रूठी
हुजूरपुर/विशेश्वरगंज। हुजूरपुर विकासखंड में सरयू नहर की तरबगंज शाखा से निकली सहसलमपुर माइनर से बौंवा, छेदापचरवा, प्रह्लादपुरवा, सिरौला आदि गांवों के हजारों किसान सिंचाई करते हैं। लेकिन इन दिनों इस नहर में पानी नहीं है। किसान नंदलाल, सुकई, घिर्राऊ, रामनिवास आदि ने बताया कि पहले ही मानसून रूठा है और अब जिम्मेदारों की लापरवाही से नहर से भी पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं विशेश्वरगंज के पुरैना से निकली गेंधरिया माइनर में भी पानी नहीं है। जिसके चलते दर्जनों गांवों के किसान परेशान हैं।
नोडल अभियंता का गैर जिम्मेदाराना जवाब
नहरों में पानी की कमी को लेकर जब सरयू नहर खंड पंचम के नोडल दिनेश कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ शासन को सूचना देने की जिम्मेदारी है। नहरों में पानी है कि नहीं है उन्हें नहीं पता। वह सिर्फ पयागपुर क्षेत्र की नहरों की जानकारी दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि पयागपुर में युवती के डूबने के चलते पानी रोका गया है।