तेजवापुर (बहराइच)। माइनरों में पानी न आने से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। वर्तमान में किसानों की गन्ना व मेंथा की फसल को सिंचाई की जरूरत है, लेकिन माइनर सूखी होने के कारण किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। कुछ किसान पंपिंग सेट से फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। इससे खेती की लागत बढ़ रही है।
क्षेत्र के किसान माइनर सूखी होने के कारण परेशान हैं। गन्ने व मेंथा की फसल में पहली सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन सरयू सहायक नहर व उससे निकलने वाली माइनर में पानी नहीं है। पानी न होने से सिंचाई के लिए नहर व माइनर पर निर्भर किसान मायूस हैं। किसानों का कहना है कि माइनर में शीघ्र ही पानी न उपलब्ध होने से उन्हें मजबूरी में निजी नलकूप या डीजल इंजन का सहारा लेना पड़ता है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
किसानों ने बताया कि सही समय पर फसलों की सिंचाई होने से उत्पादन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। समय सेे सिंचाई न होने पर गन्ने व मेंथा के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। नहर व माइनर में पानी न होने के कारण बनगांव, उदवापुर, बरगदहा, केदारपुर, रमपुरवा, सिरजापुर, सुरजना, पन्नहा, बभनी, वीरसहायपुर, बेड़नापुर, तेजवापुर, चेतरा, सबलापुर, मोगलहा समेत अन्य गांवों के किसानों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।