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Bahraich News: लाल निशान से सिर्फ एक मीटर दूर रह गया जलस्तर

Fri, 14 Jul 2023 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बैराजों से नदियों में फिर छोड़ा गया ढाई लाख क्यूसेक पानी, बाढ़ का खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण बैराजों पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। जिससे कई दिनों से नदियों में पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को भी ढाई लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया। जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश हो रही है। जिससे बैराजों पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को गिरिजापुरी बैराज से 123073 क्यूसेक, गोपिया बैराज से 1377 तथा शारदा बैराज से 126629 क्यूसेक सहित कुल 251079 क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया। जिससे घूरदेवी स्पर पर खतरे के निशान 112.135 के सापेक्ष 110.600 मीटर मापा गया। इसी तरह सरयू नदी के एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 105.326 मीटर मापा गया।
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जलस्तर बढ़ने से आस-पास के गावों में दहशत



जरवलरोड (बहराइच)। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर दो दिनों से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है। जिससे आस पास के गावों में दहशत है। जल मापक जगदीश प्रसाद ने बताया कि घाघरा नदी खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर का बढ़ना जारी है। जल स्तर बढ़ने पर अहाता गांव के कई मजरे, तप्पेसिपाह के तीन मजरे, नासिरगंज के पांच मजरे सहित लगभग दस हजार आबादी प्रभावित होगी। जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन भी तैयारियों में लगा हुआ है। संवाद

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12 बाढ़ राहत चौकियां स्थापित, 112 नावें भी लगाई गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
बौंडी (बहराइच)। महसी तहसील क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के बासिंदों को हर वर्ष बाढ़ का कहर झेलना पड़ता है। सरयू नदी के रौद्र रूप से नदी के निकटवर्ती ग्रामीण तकरीबन तीन माह तक बांध पर या ऊंचे स्थानों पर रहकर गुजर-बसर करते हैं।
महसी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बौंडी के मजरा तारापुरवा, छतरपुरवा, सिलौटा, कुट्टी बाग, प्रहलाद पुरवा, रानी बाग, पचदेवरी, चुरईपुरवा, बांसगढी, गोलागंज, कायमपुर, पिपरी, जोगापुरवा, पिपरा, टिकुरी, मांझा दरियापुर बुर्द, मास्टरपुरवा, बाबा मेला, मुनेश्वरपुरवा, भिखारीपुरवा, प्रधानपुरवा व नौवनपुरवा सहित 50 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों का जन जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। बाढ़ व कटान से निपटने के लिए अधिकारी व कर्मचारी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
बाढ़ के दौरान 1836.712 हेक्टेयर क्षेत्रफल में एक लाख 32 हजार 356 की आबादी बाढ़ व कटान के दौरान प्रभावित होती है। बाढ़ से बचाव व राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी की टीमें भी बुलाई गई हैं।12 बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की गई हैं। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में 112 नावें भी लगाई गई हैं।

डीएम ने बाढ़ प्रभावित गांव पचदेवरी व मैकूपुरवा का किया निरीक्षण
महसी/खैरीघाट। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने महसी ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायत पचदेवरी व चुरईपुरवा का निरीक्षण किया। सरयू तट पर बांस के पौधे भी रोपित किए। इस दौरान ग्रामीणों से उनकी समस्याएं पूछीं और बाढ़ से बचाने की जानकारी भी दी।
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डीएम ने ग्रामीणों से गांव में एंटीलार्वा का छिड़काव करने व कोटे से राशन मिलने की जानकारी ली। इसके अलावा टीकाकरण की भी जानकारी ली। आशा तथा एएनएम को छूटे हुए लोगों का शीघ्र ही टीकाकरण करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने डीएम से छुट्टा जानवरों से छुटकारा दिलाए जाने की मांग की। इसके बाद ग्राम पंचायत मैकूपुरवा पहुंचकर प्रधान अनूप सिंह से बाढ़ से संबंधित जानकारी ली। ग्रामीण बेचेलाल डीएम को बताया कि गांव व घरों में पानी भरने के बाद सभी लोग अपने-अपने क्षतों पर रहते हैं। प्रधान ने बताया कि बाढ़ चौकी के माध्यम से पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है। निरीक्षण के दौरान शत्रोहन ने बालपोषाहार न मिलने की शिकायत की। संवाद
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