जिले में हैं 6 लाख 93 हजार राशन कार्डधारक
4886 मृतकों के नाम पर दिया जा रहा राशन, 3782 आयकर दाता भी उठा रहे फायदा
करीब तीन लाख कार्डधारकों के पास पांच एकड़ से अधिक भूमि
सत्यापन के बाद अपात्रों के निरस्त होंगे राशन कार्ड
बहराइच। पूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्डधारकों की जांच कराने के बाद ऐसा मामला सामने आया है जिसमें साधन संपन्न लोग, आयकरदाता व मृतकों को भी प्रतिमाह सरकारी राशन दिया जा रहा है। इसके साथ ही तमाम ऐसी महिलाएं हैं जो अपने पति को मृतक दिखाकर विधवा पेंशन ले रही हैं। वहीं, उनके पति के नाम पर बने राशन कार्ड से हर माह राशन भी उठाया जा रहा है। ऐसे मामले सामने आने के बाद अब संबंधित लोगों के राशन कार्ड निरस्त करने के साथ अन्य विभागीय प्रक्रिया की शुरुआत अफसरों ने की है।केंद्र सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले जरूरतमंद लोगों को लगातार लंबे समय से निशुल्क में राशन देने का काम किया जा रहा है। लेकिन इसमें तमाम ऐसे लोगों के नाम सामने आए है जो मानक के विपरीत राशन ले रहे हैं। पूर्ति विभाग द्वारा इस समय राशन कार्डधारकों के सत्यापन का काम कराया जा रहा है। इस सत्यापन में अब चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। संवाद
आयकरदाता व मृतकों के नाम राशन कार्ड
विभाग की मानें तो जिले में करीब 6 लाख 93 हजार राशन कार्डधारक हैं। अभी तक की शुरुआत जांच में 3,782 आयकर दाता राशन कार्डधारक सामने आए हैं। इसके साथ ही 4,886 ऐसे राशन कार्डधारक हैं जिनके मृतक होने के बाद भी उनके नाम पर राशन दिया जा रहा है। सत्यापन में यह बात सामने आई है कि इन मृतकों की पत्नियां समाज कल्याण विभाग से विधवा पेंशन ले रही हैं जबकि उनके पति के नाम पर बने राशन कार्ड से प्रति माह राशन भी लिया जा रहा है। लेकिन जांच में मामला सामने आने के बाद अब ऐसे सभी अपात्र राशनकार्ड निरस्त किए जाएंगे।
कार, ट्रैक्टर, घर में लगा एयर कंडीशनर फिर भी ले रहे खाद्यान्न
सत्यापन में जो बाते सामने आई है उनमें ऐसे राशन कार्ड धारक है जो निशुल्क में सरकारी राशन ले रहे हैं उनके पास पक्का लग्जरी घर, कार, ट्रैक्टर समेत घर में एयर कंडीशन लगे हैं। ये लोग शान की जिंदगी जी रहे हैं लेकिन सरकारी राशन निशुल्क ले रहे हैं। अब जांच में इन बातों के सामने आने के बाद इनके कार्ड निरस्त होंगे। वहीं विभाग की इस कार्रवाई से ऐसे लोगों में इस बात को लेकर भी हलचल है कि कहीं उनसे इसकी रिकवरी तो नहीं की जाएगी।
बाक्स-तीन लाख कार्ड हो सकते निरस्त
सरकार का निर्देश हैं कि ऐसे लोग जिनके नाम पर पांच एकड़ भूमि दर्ज है और वह हर साल तीन लाख से ज्यादा गेहूं व धान सरकार को बेचते हैं तो वह फ्री में राशन नहीं ले सकते हैं। अब सत्यापन में यह बात सामने आई है कि करीब तीन लाख ऐसे लोग हैं जिनके पास पांच एकड़ से ज्यादा भूमि है। और उनके द्वारा हर साल तीन लाख से ज्यादा कीमत का धान व गेंहू सरकारी क्रय केंद्र का बेंचा गया है। ऐसे तीन लाख राशन कार्ड धारक भी है। अब इनके कार्ड भी निरस्त हो सकते है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
विभाग द्वारा चल रहे सत्यापन में अभी तक जो रिपोर्ट मिली है उसके तहत 3782 आयकर दाता व 4,886 मृतकों को राशन दिया जा रहा था। इसके अलावा ऐसे लोग जिनके पास पांच एकड़ भूमि है वह भी निशुल्क राशन लेने की योजना से बाहर होंगे। सत्यापन की पूरी रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -नरेंद्र तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी