पयागपुर (बहराइच)। नगर पंचायत में निकाय चुनावों से पूर्व आनन फानन 23 कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। इसे चुनाव परिणाम के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की संस्तुति पर निरस्त कर दिया गया था। इसके विरोध में हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका दाखिल कर निरस्तीकरण को गलत बताया गया था। याचिका को हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति ने निरस्त कर दियाऔर नये सिरे से निविदा निकालने का आदेश दिया है।
नगर पंचायत पयागपुर के चुनाव से पूर्व यहां विभिन्न 23 कार्यों के लिए आननफानन में निविदा निकाली गई थी। इसी दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते कार्य निविदा रुक गई थी। चुनाव परिणाम के बाद नगर पंचायत के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने चुनाव पूर्व निकाली गई सभी निविदाओं को निरस्त कर दिया था, साथ ही उनके कार्यकाल में नए सिरे से निविदा निकालने की बात कही थी।
गोंडा के यश इंटरप्राइजेज ने नगर पंचायत के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए डबल बेंच में न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र व न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने इसे खारिज कर दिया। साथ ही नई निविदा की नई प्रक्रिया में भाग लेने का निर्देश दिया। बताते चलें कि निकाय चुनाव से पूर्व 23 विकासात्मक कार्यों जिनमे बारात घर, आंगनबाड़ी व स्कूलों के कायाकल्प आदि की ई निविदा निकाली गई थी। लेकिन चुनाव बाद नई कार्यकारिणी ने निरस्त कर दिया था।