बहराइच। सुख-दुख में हम-तुम, हर पल साथ निभायेंगे। एक जन्म नहीं, सातों जन्म पति-पत्नी बन आएंगे। बुधवार की रात सुहागिनों ने अपने पति का दीदार कर चंद्रदेव से अखंड सौभाग्य का यही वरदान मांगा। सुहागिनों ने विधि-विधान से मां गौरी व भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की। चंद्रदेव के दर्शन के साथ ही पति के हाथों जल ग्रहण कर अपना निर्जला व्रत तोड़ा।
बुधवार को करवा चौथ के मौके पर सुहागिनें दिन भर सजती-संवरती रहीं। उन्होंने हाथों में मेंहदी रचाई। करवाचौथ के पर्व पर नववधुएं सबसे अधिक उत्साहित नजर आईं। घर की बुजुर्ग महिलाओं से पर्व के किस्से सुनती रहीं। दांपत्य जीवन में विश्वास व समर्पण के प्रतीक उत्सव को मनाने के लिए सोलह शृंगार करते हुए सुहागिनों ने परंपरागत परिधान धारण कर मां गौरी व भगवान शंकर का विधि-विधान से पूजा-अर्चन किया।
इसके बाद सुहागिनों की चंद्रदेव के दर्शन की बेताबी बढ़ गई। छतों पर पूजन सामग्री के साथ चंद्रदेव दर्शन के इंतजार में बैठी रहीं। इस दौरान चंद्रमा उदय होते ही सुहागिनों ने अर्ध्य देकर जल अर्पण किया।
वीडियो कॉल से किया पति का दीदार
करवा चौथ जैसे पर्व पर भी घर से दूर रहे पतियों ने वीडियो कॉल कर एक-दूसरे का दीदार किया। सुहागिनों ने कहा कि ऐसे मौके पर भी पिया के दूर रहने की कशिश है, लेकिन काम व नौकरी की बंदिश से मजबूर हैं।
कारागार में भी मना करवाचौथ
जिला कारागार में भी महिला बंदियों ने बुधवार को काफी हर्षोल्लास से पर्व मनाया। कुछ महिला बंदियों को दूसरी बैरक में बंद पतियों से मिलाया गया। शुभ मुहूर्त में महिला बंदियों ने विधि-विधान से पूजा कर भगवान भोलेनाथ व माता गौरी से अपने पति के लिए अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा।
कुछ महिला बंदियों ने चंद्रमा की परछाई को पति के रूप में अनुभूति कर अपना निर्जला व्रत तोड़ा। जेल अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि सभी महिला बंदियों को परंपरा के अनुसार पर्व मनाने के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध कराए गए थे।