वर्ष 2003 में एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में पुलिस ने युवक को भेजा था जेल
सीबीसीआईडी की जांच में पुलिसकर्मी पाए गए थे दोषी
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। थाना नवाबगंज में थाने की पुलिस ने वर्ष 2003 में थाना क्षेत्र के एक युवक को फर्जी चरस बरामद दिखाकर जेल भेज दिया था। मामले में तत्कालीन सरकार की ओर से विवेचना सीबीसीआईडी को सौंपी थी। सीबीसीआईडी ने घटना को फर्जी बताकर अपनी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की थी। जिसको संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को न्यायाधीश ने तत्कालीन एसओ समेत छह पुलिस कर्मियों को नोटिस भेजकर तलब किया है।
थाना नवाबगंज की पुलिस ने 18 जून 2003 को थाना क्षेत्र के सरफराज अहमद को नेपाली चरस दिखाकर फर्जी मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेज दिया था। घटना के बाद पीड़ित युवक के पिता इजरार अहमद ने तत्कालीन प्रदेश की सपा सरकार के मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर घटना की सीबीसीआईडी जांच कराने की मांग की थी।
सरकार ने मामले में जांच सीबीसीआईडी को सौंपी थी। सीबीसीआईडी ने जांच के बाद घटना को फर्जी बताकर तत्कालीन एसओ परशुराम दोहरे समेत छह पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाकर आरोपपत्र न्यायालय को सौंपा था। मुकदमे में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी ने सुनवाई करते हुए एसओ समेत सभी पुलिसकर्मियों को सम्मन भेजकर छह मई को न्यायालय पर तलब किया है।