बहराइच। मुख्यमंत्री के सख्त आदेश और दो-दो गड्ढा मुक्त अभियान भी जिले की सड़कों की सूरत नहीं बदल सके हैं। जिसके चलते राहगीरों का सफर जोखिम भरा हो गया है। वर्तमान में जिले से गुजरे कई राजमार्ग व क्षेत्रीय सड़कें बदहाल हैं। सड़काें पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। जिसके कारण प्रतिदिन दर्जनों बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। बड़े वाहनों की फिटनेस खराब हो रही है।
एनएचआई, लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका, नगर पंचायत समेत ग्रामीण क्षेत्रों की 100 से अधिक सड़कें बदहाल हैं। बहराइच से बलरामपुर जाने वाले मार्ग पर गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है, लेकिन अब भी कई स्थानों पर गड्ढों को भरने से छोड़ दिया गया है। शहर में गुल्लावीर मंदिर होते हुए जाने वाले मार्ग पर गड्ढों के चलते भीषण जलभराव है। दरगाह मोहल्ले, नई बस्ती, सरस्वती नगर आदि मोहल्लों को जाने वाले मार्ग भी खस्ताहाल हैं।
तालाब बनी 500 मीटर सड़क, लाखों राहगीर परेशान
नानपारा। नानपारा- लखीमपुर राजमार्ग का 500 मीटर मार्ग बीते तीन वर्षों से तालाब बना हुआ है। ऐसा तब है, जब इस मार्ग से प्रतिदिन दिल्ली समेत बाहरी प्रदेशों के सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग लाखों लोगों के आवागमन का जरिया है। मार्ग पर घुटनों तक पानी भरा होने के चलते प्रतिदिन दर्जनों राहगीर इसमें गिर कर चोटिल हो रहे हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल वहीद ने इस मार्ग को लेकर शासन व डीएम को पत्र भी लिया है। नानपारा निवासी उमेश चंद्र शाह, नरेश चंद्र अग्रवाल, पीयूष डालमिया, अजय अग्रवाल, प्रमोद कुमार शर्मा, मोहम्मद कासिम और मुक्तेश्वर पोद्दार आदि ने बताया कि मार्ग निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग मंत्री जितिन प्रसाद समेत अन्य को पत्र दिया गया है। लेकिन जिम्मेदार मौन हैं।
हर कदम पर गड्ढे, छात्र-छात्राएं भी परेशान
कैसरगंज। विकासखंड मुख्यालय से पबना जाने वाला मार्ग वर्षों से बदहाल है। आलम यह है कि मार्ग पर हर कदम पर गड्ढे हैं। जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा राजकीय बालिका इंटर कालेज जाने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को झेलना पड़ रहा है। मार्ग पर बिखरी गिट्टियां व गड्ढों के चलते राहगीर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीण जगदीश राजपूत, मोहम्मद अकरम, राम समुझ यादव, देवेश पाल, देशराज राजपूत, घनश्याम वाजपेयी, डाॅ. रमेश, अमर श्रीवास्तव आदि ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का दंश ग्रामीण झेल रहे हैं।
डामर रोड की उखड़ गई गिट्टियां
खैरीघाट। महसी के ग्राम पंचायत गरेठी गुरुदत्त सिंह को जाने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। डामर रोड की जगह-जगह गिट्टियां उखड़ गई है, कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिसके चलते इस मार्ग से जाने वाले बहदुरिया, धनावा, बांसगढ़ी, मैकूपुरवा समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण ब्रजपाल सिंह, हवलदार सिंह, रामसेवक दीक्षित, नान्ह सिंह, दिलीप सिंह, इंस्पेक्टर सिंह आदि ने बताया कि ग्रामीणों की असुविधा पर जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी दोनों मौन हैं।
जगह-जगह धंस गया हाईवे
रुपईडीहा। राष्ट्रीय राजमार्ग 927 जगह-जगह धंस गया है। इसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बावजूद इसके नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से इसकी मरम्मत नहीं करवाई जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश है। भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य रतन अग्रवाल, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष भीमसेन मिश्रा आदि ने बताया कि कई बार शिकायती पत्र देकर एनएचएआई से मांग की गई है, लेकिन जिम्मेदार बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं।
दफ्तर जाना भी दूभर
पयागपुर। रेलवे स्टेशन से ब्लाक मुख्यालय होते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने वाला मार्ग बदहाल है। सड़क पर गड्ढों से राजकीय विद्यालय, पोस्ट ऑफिस, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, बाल विकास परियोजना कार्यालय, पशु चिकित्सालय, ब्लाॅक मुख्यालय, वनाधिकारी, तीन प्राथमिक विद्यालयों को जाने वाले छात्र-छात्राओं समेत हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
तीन महीने में उखड़ गई सड़क, राहगीर परेशान
नवाबगंज। विकास मुख्यालय से दशरथपुरवा जाने वाला संपर्क मार्ग तीन महीने पूर्व बनवाया गया था लेकिन निर्माण के बाद से ही गिट्टियां उखड़ रही हैं। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीण आनंद वर्मा, अर्जुन, प्रेम लाल, संजय आदि ने बताया कि यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।
कट गया मार्ग, आवागमन ठप
मटेरा। ग्राम पंचायत सधूवापुर-गोकुलपुर संपर्क मार्ग बारिश के दौरान पूरी तरह कट गया है। इससे आवागमन ठप है। पैदल राहगीर ही सिर्फ इस पर गुजर रहे हैं। जिससे मानिकपुर, भगवानपुर, खटकन पुरवा, चमारनपुरवा, ललुही आदि गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। मटेरा से इटहा जाने वाला लगभग 15 किलोमीटर लंबा मार्ग भी पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गया है। जिसके चलते लगभग 50 हजार की आबादी प्रभावित है। ग्रामीण संतोष कुमार वर्मा, सतीश चंद्र साहू, रिहान खान आदि ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व मार्ग बना था लेकिन इसके बाद किसी सभी ने इसे नजरंदाज किया।
छह किमी मार्ग पर 100 से अधिक गड्ढे
बौंडी। फखरपुर से वजीरगंज होते हुए नंदवल जाने वाला लगभग छह किलोमीटर मार्ग बीते तीन सालों से बदहाल है। जिसके चलते कई दर्जन गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण सतीश वर्मा, मलखे पाल, सोनू गुप्ता, बनवारी लाल सोनी आदि ने बताया कि बालू खदान का ठेका भौंरी क्षेत्र में चल रहा है। जिसके चलते ओवरलोड वाहन गुजरने से मार्ग पैदल चलने के लायक भी नहीं बचा है। कई बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू कराया गया है। जल्द ही जो सड़कें खराब हैं, उनको सही करवा दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के अफसरों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
- मोनिका रानी, डीएम