बहराइच। ग्राम पंचायतों में लाइटें लगाने के मामले में की गई घपलेबाजी में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। डीएम ने सभी 1045 ग्राम पंचायतों में लगी लाइटों का ब्यौरा तलब किया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए शासन ने भी पूरी रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में इससे जुड़े घोटालेबाजों में अफरातफरी का माहौल व्याप्त है। रविवार के अंक में अमर उजाला ने गांवों में लगी लाइटों में घपलेबाजी की खबर का प्रकाशन किया था। गांवों में 750 रुपये की लाइट लगाकर 3650 तक की वसूली की गई है। तमाम जगह लगी लाइटें चंद दिनों में खराब हो चुकी है। तेजवापुर ब्लाक की करीब 50 से ज्यादा ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइटें लगाने में घपला हुआ है। शुरुआती जांच में यह बात उजागर हो रही है। विभागीय सूत्रों की माने तो डीएम ने जांच में अब ग्राम पंचायतों और संबंधित अधिकारी के नाम के साथ रिपोर्ट मांगी है।
गड़बड़ी दबाने में लगे ब्लॉक के अधिकारी
सूत्रों के मुताबिक शासन से तय कंपनियों के बजाय दूसरी कंपनियों से गांवों में लाइटें लगवाने का काम किया गया है। जिनकी कीमतों में करीब 50 से 60 फीसदी का अंतर है। ब्लॉक स्तर के कर्मचारी और अधिकारियों की मिलीभगत से ये लाइट लगवाई गईं। इसमें प्रधान भी शामिल है। अब डीएम मोनिका रानी की सख्ती के बाद हर कोई खुद की गर्दन बचाने में लगा है।
इन ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी
तेजवापुर ब्लॉक क्षेत्र के खसहामोहम्मदपुर, हेमारिय, सिसई हैदर, जब्दी, बेहटा, लक्खा बौडी, भकलागोपालपुर, बालासराय, वीरसहायपुर, सुरजना, रमपुरवा, गोपचनपुर, गोड़वा, गनियापुर, खैरा, चदनापुर सिकाडिया चेतरा आदि गांवों में लाइट लगवाने को लेकर बड़ा खेल किया गया है। जिले के अन्य ब्लॉकों में भी यही हाल है।
ग्राम पंचायतों में लाइट लगाने में गड़बड़ी की बात सामने आई है। इसकी रिपोर्ट तलब करते हुए पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
- राघवेंद्र द्विवेदी, डीपीआरओ