खैरीघाट (बहराइच)। ढकिया गांव में रविवार को मासूम बालक पर मगरमच्छ के हमले के बाद पूरे इलाके में खौफ का माहौल है। हमले के दो दिन बाद भी तालाब में छिपे मगरमच्छ को वन विभाग की टीम पकड़ नहीं सकी है। मंगलवार को उप वन क्षेत्राधिकारी अमित वर्मा की अगुवाई में जलाशय में जाल डाला गया, लेकिन मगरमच्छ चकमा देकर निकल गया। ग्रामीणों की दहशत जस की तस बनी हुई है। रविवार को गांव निवासी प्रदीप कुमार के पांच वर्षीय पुत्र वीरू पर मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया था। मगरमच्छ मासूम को नाले की ओर खींच कर ले जा रहा था, तभी मां ने मगरमच्छ से संघर्ष कर बेटे की जान बचाई थी। पूर्व प्रधान राजकुमार सिंह की सूचना पर वन विभाग की टीम घटना के बाद से मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश में जुटी है। सोमवार शाम को प्रभागीय वनाधिकारी राम सिंह यादव, उप प्रभागीय वनाधिकारी राशिद जमील, क्षेत्रीय वनाधिकारी पीयूष गुप्ता और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को जाल लगाया गया था, लेकिन मगरमच्छ उसमें नहीं फंसा। निगरानी बढ़ा दी गई है। मगरमच्छ को पकड़ने तक प्रयास लगातार जारी रहेंगे।