बहराइच। नानपारा के बेलहा से जरवल के बहरौली तक 95 किमी तट बांध का मरम्मत कार्य करोड़ों की लागत से कराया गया है। बंधे कि पटाई बलुई मिट्टी से की गई है। इस कारण मिट्टी तेज हवा से उड़ रही है। ऐसे में तटबंध की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बाढ़ से पूर्व सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम तैयारियों में जुटा हुआ है। बावजूद इसके कार्य कच्छप गति से चल रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के आगमन को लेकर जिले के विभागीय अधिकारी सब चाक-चौबंद दिखाने में जुटे है।
महसी तहसील के सैकड़ों गांव बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। हजारों परिवारों को बाढ़ के समय सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। कटान को रोकने के लिए शासन- प्रशासन द्वारा स्पर का निर्माण 2 वर्ष पूर्व गोलागंज, कायमपुर, पिपरा में कराया गया है। स्पर निर्माण होने से कटान पर अंकुश लगा है।
बाढ़ पीड़ित सिलौटा निवासी राजेश वर्मा, पिपरा निवासी सनत कुमार, गोलागंज निवासी बैधु, उदयराज ने बताया कि यदि सरयू नदी से हर वर्ष सिल्ट हटाई जाए तो बाढ़ से दर्जनों गांव बच सकते हैं।