श्रावस्ती। इकौना के ग्राम महदेइया के मजरा मिश्री पुरवा निवासी किशोर के अपहरण के मामले में जिला जज ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया। उन्होंने दो आरोपियों को दस वर्ष सश्रम कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
मामले में अभियोजन की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केपी सिंह ने बताया कि 17 वर्ष पूर्व इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम महदेइया के मजरा मिश्री पुरवा निवासी सहज राम शुक्ला ने डीएम को जनता दिवस में शिकायती पत्र दिया था। इसमें उसने आरोप लगाया था कि उसके पुत्र दिलीप (14) का गांव निवासी शोभाराम पुत्र राममिलन, मुरली व रामकृपाल पुत्रगण शोभाराम ने संपत्ति के लालच में अपने पुत्र कृपाल के साले देवीदयाल से मिलकर अपहरण कर लिया है। डीएम के आदेश पर इकौना पुलिस ने मामला दर्ज कर शोभाराम, बबलू उर्फ वीर शंकर मिश्रा, राम कृपाल व मुरली के विरुद्ध न्यायालय पर आरोप पत्र भेजा था। मामले में फैसला सुनाते हुए जिला जज देवेन्द्र सिंह ने आरोपी बबलू उर्फ वीर शंकर को दोषमुक्त कर दिया। जबकि शोभाराम शुक्ला व रामकृपाल शुक्ला को दोषी मानते हुए दोनों को दस दस वर्ष का सश्रम कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।