जिले के 70 गांव बाढ़ की चपेट में, मार्गों पर पानी भरने से टापू बने कई गांव
एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार बाढ़ आने से पीड़ितों की बढ़ी समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। एक सप्ताह में लगातार दूसरी बार बाढ़ आने से जिले के 70 गांव प्रभावित हो गए हैं। संपर्क मार्गों पर पानी भरने के कारण लोगों का आवागमन बंद हो गया है। बाढ़ से बचाव के लिए राजस्व अधिकारी व कर्मचारी क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं। वहीं सोमवार को बाढ़ के पानी में डूबने से एक मासूम की मौत हो गई।
जिले के दो तहसील क्षेत्रों में एक सप्ताह में लगातार दूसरी बार सोमवार को बाढ़ आ गई है। जिससे क्षेत्र के 70 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हो गए हैं। महसी तहसील क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी तेजी के साथ प्रवेश करने लगा देर रात तक लगभग दो दर्जन गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल महसी तहसील क्षेत्र के बकैना के मजरा मुड़खलिया, डिहुआ, गौरिया में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है बकैना से गौरिया जाने वाले संपर्क मार्ग पर पानी भरने लगा है।
ग्राम रामपुर धोबिया के मजरा बाबूपुरवा निवासी एक मासूम की सोमवार की सुबह बाढ़ के पानी में डूब कर मौत हो गई। प्रधान प्रतिनिधि प्रभात कुमार जायसवाल ने बताया गया कि सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने से नदी उफान पर है। सोमवार की सुबह 9 बजे बाबूपुरवा निवासी अब्दुल जलील का 4 वर्षीय पुत्र हसनैन घर से कुछ दूरी पर नित्य क्रिया कर रहा था। तभी बाढ़ का पानी आ गया। जिससे उसकी डूब कर मौत हो गई। परिजनों ने कड़ी मशक्कत ग्रामीणों की मदद से बालक का शव कई घंटे बाद बरामद किया। थाना खैरीघाट के चौकी बैवाही के उपनिरीक्षक यतींद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर विधिक कार्रवाई की है।
शिवपुर ब्लॉक के ये गांव बाढ़ की चपेट में
खैरीघाट (बहराइच)। बाढ़ आने के कारण शिवपुर ब्लाक के एकघरा, बाजपुरवा, जोधीपुरवा, बल्दूपुरवा, पंडित पुरवा, पिपरिया, सैयद नगर, बौंडी, गुजराती पुरवा, तिगड़ा, अंबरपुर, शिवपुर, बेलामकन, पाठक पुरवा, लौकिहा, रामपुर धोबियाहार, नेवादा पूरे कस्बाती, डल्ला पुरवा, अरनवा, अरनवा, चौकसाहार आदि गांव जलमग्न हो गए हैं। सोमवार को शिवपुर के नायब तहसीलदार लेखपाल प्रदीप कुमार वर्मा के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। लेखपाल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 21 नाव ग्रामीणों के आने-जाने के लिए लगाई गई हैं।
सात घर नदी की धारा में समाहित
खैरीघाट (बहराइच)। तहसील महसी के ग्राम पंचायत मांझा दरिया बुर्द का मजरा मास्टरपुरवा मे शनिवार को रमाकांत, सुशील कुमार लोधी, शोभा देवी, हरचंद, ओमजी, आलोक, आन्नद के मकान नदी में कट गए हैं। लेखपाल कदीर खान ने बताया कि चार नावें लगाई गई हैं। जिनके मकान कट गये हैं उनकी रिपोर्ट बनाकर तहसील प्रशासन महसी को भेज दी गई है।
इनसेट
सरयू नदी ने दिखाया रौद्र रूप, मिहीपुरवा के चार दर्जन गांव जलमग्न
मिहीपुरवा (बहराइच)। मिहीपुरवा तहसील क्षेत्र के नौकापुरवा, पंडरिया, सर्राकला, बखारी, पौडा, मजगवा, पुरैना रघुनाथपुर, मटेही, सोहनी, नरायनपुर, चन्दनपुर, बढैयाकला, बाबूपुरवा, दलजीतपुरवा, भवनियापुर, बगहा, सोगवा, खडैचा आदि गांव जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ आने से मिहीपुरवा तहसील को आने वाले प्रमुख मार्ग मिहीपुरवा मटेही, मिहीपुरवा पंडरिया, सर्राकला मार्ग, गायघाट रामपुर, बैबाही मार्ग से साथ लगभग एक दर्जन मार्गों पर लगभग 3 फीट तक बाढ़ का पानी भर गया है। लगभग 50 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। आने-जाने के सभी मार्ग जलमग्न होने के कारण आवागमन पूर्ण रूप से बंद है। जिससे लोग अपने घरों में शरण लिये हुए हैं। अभी तक तहसील प्रशासन का कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। आधा दर्जन ग्राम पंचायतों में जिलाधिकारी के निर्देश पर नाव की खरीद की गई है। खंड विकास अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी शाहिद अली तथा ग्राम विकास अधिकारी शिवाजी पोरवाल ने अपने ग्राम पंचायतों में बाढ़ से पहले नाव की खरीद कर नाव को उपयोग करने के लिए ग्रामीणों को दे दिया है।
महसी ब्लॉक के गांवों में प्रवेश करने लगा बाढ़ का पानी
महसी (बहराइच)। तहसील महसी के बाढ़ प्रभावित गांव में सोमवार की शाम से बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। नायब तहसीलदार महसी संग्राम सिंह ने बाढ़ चौकी बेहड़ा, चकैया का निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार ने बताया कि बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण नदी उफान पर है। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन हर संभव मदद के लिए हर समय तैयार है। लेखपाल छोटेलाल, अंकुर श्रीवास्तव उदय प्रताप, नीरज प्रसाद स्थिति पर नजर रख रहे हैं।