बहराइच। जिले में तराई इलाके के ऐसे गांव जहां पर बिजली की समस्या है उनको सोलर गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। डीएम ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बिजली समस्या से भी काफी हद तक राहत मिल सकेगी। पहले चरण में करीब दो दर्जन गांवों में इस काम को कराया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इसको पूरे जिले में लागू किया जाएगा।
इस समय बिजली की समस्या को लेकर हर कोई परेशान है। बिजली की सबसे ज्यादा समस्या ग्रामीण इलाके में है। यदि हल्की बारिश भी होती है तो गांवों की बिजली कई दिनों तक गायब हो जाती है। तार टूटने से लेकर अन्य कई प्रकार की समस्याएं सामने आने से बिजली व्यवस्था बाधित हो जाती है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए डीएम मोनिका रानी ने सोलर गांव बनाने की योजना बनाई है। डीएम का कहना है कि गांवों में यदि सरकारी पंचायत भवन के साथ स्कूल व लोग अपने घर की छतों पर ज्यादा से ज्यादा सोलर पैनल का इस्तेमाल करेंगे तो बिजली की समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकेगा।
ग्रामीणों को किया जाएगा जागरूक
सोलर गांव बनाने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा ग्रामीणों को भी जागरूक किया जाएगा। खासकर जिले की नानपारा, मिहींपुरवा, महसी व कैसरगंज क्षेत्र में पड़ने वाले तराई इलाके के ऐसे गांव चिहिन्त किए जाएंगे जहां बारिश के समय समस्या रहती है। इन सभी गांवों में सोलर को बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे यहां पर बिजली की समस्या का समाधान हो सके।
गांवों में बिजली की समस्या दूर करने के लिए सोलर गांव बनाए जाएंगे। सोलर पैनल गांवों में लगने से बिजली की दिक्कत दूर होगी। तराई इलाके के गांवों में इसे पहले चरण में अमल लाया जाएगा। शासन को इसका प्रस्ताव भेजा गया है। मोनिका रानी, डीएम