बहराइच में मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग में भर्ती बीमार बच्चे।
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बहराइच। भीषण ठंड के साथ ही कोल्ड डायरिया व निमोनिया का प्रकोप मासूमों पर मंडराने लगा है। हाल यह है कि इस समय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बाल रोग विभाग में प्रतिदिन ढाई से तीन सौ बच्चे आ रहे है। वहीं बृहस्पतिवार को 32 बच्चों को भर्ती भी कराया गया है। पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को पीआईसीयू के साथ ही सामान्य वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों ने अभिभावकों को अपने लाडलों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने के लिए सावधान भी किया है।
तराई में दिनोंदिन शीतलहरी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बड़ों के साथ ही बच्चे भी तेजी से कोल्ड डायरिया व निमोनिया की चपेट में आते जा रहे हैं। बाल रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन ढाई सौ से तीन सौ रोगी पहुंच रहे हैं। जहां चिकित्सकों द्वारा इनका स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित की जा रही हैं। इनमें से गंभीर स्थिति वाले रोगियों को सामान्य वार्ड के साथ ही पीआईसीयू (बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई) में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
गुरुवार को ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में से शुभम 01 माह निवासी निबुई कला, सुनैना 05 वर्ष निवासी तेजवापुर, कृष्णा 02 माह निवासी रामगांव व करण 06 माह समेत करीब 32 बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया। यह सभी बच्चे कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.अरविंद शुक्ला ने बताया कि गंभीर स्थिति वाले मासूमों को बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। अत्यधिक ठंड को देखते हुए अभिभावकों को अपने बच्चों की सेहत पर नजर रखी चाहिए। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शीघ्र ही चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
अभिभावक बरतें सावधानी
शीतलहर के कारण बच्चे बीमारियों की चपेट में न आएं। इसके लिए अभिभावक सावधानी बरतें। बच्चों को गर्म कपड़े पहना कर रखें। बंद कमरे में हीटर व अंगीठी न जलाएं इससे कमरे की आर्द्रता समाप्त हो जाती है। इससे भी बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नहलाने के लिए गर्म पानी का ही प्रयोग करें। अधिक से अधिक समय तक बच्चों को कमरे के अंदर रखें। जिससे बच्चे कोल्ड डायरिया व निमोनिया जैसी बीमारियों से दूर रहें।