रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल में कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। बीते 15 मई से 25 मई के बीच कोरोना से संक्रमित 17 मरीज मिल चुके हैं। प्रतिदिन दोनों देशों के बीच काफी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। नेपाल में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र पर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। यहां जांच टीम के सदस्यों की संख्या बढ़ाते हुए नेपाल से भारतीय क्षेत्र में आने वाले लोगों को कोरोना जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।देश के विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के बढ़ने की रफ्तार काफी तेज होती जा रही है। इसी के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। व्यापार के सिलसिले में दोनों देशों के बीच प्रतिदिन काफी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। नेपाल से काफी संख्या में लोग मजदूूरी के लिए भारतीय महानगरों की ओर जाते हैं तो दूसरी ओर भारत से कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान समेत अन्य वस्तुएं खरीदने भारतीय नागरिक भी नेपाल जाते हैं। नेपाल में बीते 15 से 25 मार्च के बीच 17 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें सर्वाधिक सात रोगी बीते शनिवार को मिले हैं। यह सभी छात्र दिल्ली से लौटे थे। नेपाली क्षेत्र में जांच के दौरान इनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। नेपाल में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए भारतीय क्षेत्र में भी जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। सीएचसी प्रभारी डॉ.आरएन वर्मा ने बताया कि नेपाली नागरिकों के आगमन पर उनकी स्क्रीनिंग कर जांच के नमूने लिए जा रहे हैं। एसएसबी 42 वीं वाहिनी सीमा चौकी रुपईडीहा में आने वाले नागरिकों की कोरोना जांच की जा रही है। जांच में दो लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगी हुई है। सोमवार को लगभग एक हजार लोगों की स्क्रीनिंग करते हुए 20 संदिग्धोँ के नमूने लिए गए हैं।
कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। हालांकि अभी तक जिले में कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। जिला चिकित्सालय के साथ ही सभी सीएचसी पर भी कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। डॉ.एसके सिंह, सीएमओ।