फखरपुर (बहराइच)। ग्रामीणों को बाढ़ से बचाने के लिए जिस तटबंध को मजबूत करने का काम बीते 15 जून तक पूरा करना था, वह अभी तक नहीं हो सका है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी तटबंध के पास पहुंच गया है। ऐसे में तेज बहाव में बोरियों के बहने के खतरे से ग्रामीण सहमे हैं।
फखरपुर ब्लॉक के थाना बौंडी ग्राम मंझारा तौकली के मजरा ग्यारह सो रेती गांव को बचाने के लिए बनाया जा रहा परक्यूपाइन जियो बैग का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को कटान का भय सताने लगा है। शासनादेश के अनुसार बाढ़ विभाग द्वारा बरसात से पहले कटान रोधक परक्यूपाइन जियो बैग बनाकर पूरा करने की गाइडलाइन जारी की गई थी लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
ग्रामीण राम दुलारे, ओम प्रकाश, राजेश, रामदयाल आदि ने बताया कि सरयू नदी के तेज बहाव को रोकने के लिए लगाई गई बोरियों के बहने का खतरा बढ़ने लगा है। मंझारा तौकली, के मजरा ग्यारह सो रेती, बलराज पुरवा, भिरगू पुरवा में सबसे पहले बाढ़ का पानी जाएगा।
फिर छोड़ा गया 1.58 लाख क्यूसेक पानी
जरवलरोड प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 104.706 मीटर रिकार्ड किया गया। नदी खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। जल मापक जगदीश प्रसाद ने बताया कि नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रहा है। सरयू ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता बीबी पाल ने बताया कि नदी में बैराज से 1 लाख 58 हजार 207 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। सभी बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी अलर्ट मोड पर है। बाढ़ क्षेत्र में अधिकारी लगातार भ्रमण कर हर गतिविधियों पर नजर रख रहें है।मोनिका रानी, डीएम