बहराइच/मिहींपुरवा/रिसिया/मटेरा/अगैया। झमाझम बारिश से शहर में सड़कें लबालब हो गईं। लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। वहीं, खेतों में सूखने की कगार पर पहुंच चुकी धान की फसल बारिश से लहलहाने लगी।
तराई के लगभग चार लाख किसानों ने 1.73 लाख हेक्टेअर भूमि पर धान की रोपाई की है। रोपाई के बाद से किसान औसत से कम बारिश होने को लेकर परेशान थे। किसान आसमान की ओर से टकटकी लगा कर बारिश का इंतजार कर रहे थे। किसानों का ये इंतजार मेघों ने रविवार को पूरा कर दिया। रविवार की दोपहर जहां कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई तो वहीं रविवार की रात भी मेघों ने तराई को सराबोर किया।
बारिश के बाद कई किसानों ने खेतों में खाद का छिड़काव किया। रिसिया निवासी किसान सुरेश प्रताप सिंह, अशोक चौहान, राजेश तिवारी, बीरबल, जय वहादुर अगैया के निवासी बदलूराम आदि ने बताया कि बारिश वरदान साबित हुई है।
रास्तों पर जलभराव से लोग रहे परेशान
रविवार की रात हुई झमाझम बारिश से रुपईडीहा के मुख्य बाजार में भीषण जलभराव हुआ। सुबह के समय घुटने भर पानी के बीच से लोग गुजरे और उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। ऐसा ही नजारा रिसिया नगर पंचायत की कई गलियों का भी रहा। बारिश के चलते मिहींपुरवा के प्रसिद्ध बाबा बूढ़ेश्वरनाथ मंदिर को जाने वाले मार्ग पर भीषण जलभराव रहा। श्रद्धालुओं व कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के फखरपुर में बहराइच-लखनऊ मुख्य मार्ग 100 मीटर दूर वाल्मीकि मोहल्ले को जाने वाले मार्ग पर भीषण जलभराव हुआ, जिससे आवागम प्रभावित रहा।