जितेंद्र दीक्षित/ शिवाजी अवस्थी
बहराइच। साहब...हमले में मौत के बाद तीन से चार दिन बिजली व्यवस्था बहुत दुरुस्त थी। लेकिन मौत का सिलसिला थमने के बाद फिर से कटौती शुरू हो गई। आलम यह है कि जिस समय सबसे ज्यादा खतरा रहता है उस समय बिजली गायब रहती है। बिजली विभाग के जिम्मेदारों ने रात 12 बजे से तीन बजे तक बिजली कटौती की नई परंपरा शुरू की है। कांबिंग व सुरक्षा के नाम पर बेवकूफ बनाया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी बंद गाड़ियों से आते हैं और प्रधान के घर पर चाय-पानी करके चले जाते हैं। उक्त बातें अमर उजाला पड़ताल के दौरान सिकंदरपुर ग्राम पंचायत के मजरा रकबा निवासी दुर्गेश शुक्ला ने बताई।
तीन दिन से कोई नहीं आया, सब हमले का कर रहे इंतजार
ग्रामीण पंकज मिश्रा ने बताया कि तीन दिन से कोई टीम नहीं आई है। वन विभाग, राजस्व टीम के लोग कह रहे हैं कि भेड़िये भाग गए। अब लगता है कि वन विभाग हमला होने का इंतजार कर रहा है। वहीं विद्याशरण शुक्ला ने बताया कि एक दिन पहले ही भेड़िया दिखा था और हम लोगों ने भगाया था। लेकिन जिम्मेदार कह रहे कि भेड़िये भाग गए। केवल मुख्य चौराहों पर दो सिपाही या राजस्व के कर्मचारी खड़े मिलते हैं।
दरवाजा नहीं, उजाले के नाम पर लगा दिया छोटा-छोटा बल्ब
पड़ताल के दौरान जब अमर उजाला टीम नकवा गांव पहुंची तो बुजुर्ग बृजमोहन जायसवाल साथियों के साथ खड़े मिले। उन्होंने बताया कि उनके घर में दरवाजा नहीं लगा है, परिवार दहशत में रहता है। वहीं बिजली की व्यवस्था बदहाल है। कोई अधिकारी-कर्मचारी पूछने नहीं आता है। ग्रामीण जगतपाल ने बताया कि खंभों पर बल्ब लगा दिया गया है। जिसका उजाला नीचे नहीं आता है। भेड़ियों से बचाव के नाम पर बेवकूफ बनाया गया है। वहीं विकास ने बताया कि अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
छह किमी लंबा बांध मार्ग, दो तरफ झाड़ियां लेकिन प्रकाश नहीं
पड़ताल के दौरान अमर उजाला टीम लगभग छह किमी लंबे भगवानपुर-सिकंदरपुर बांध मार्ग से भी गुजरी। बांध के दोनों ओर झाड़ियां व बड़े-बड़े पेड़ लगे मिले। लेकिन इस दौरान कहीं भी प्रकाश प्रबंध नहीं मिली। न तो स्ट्रीट और न ही सोलर लाइट देखने को मिली। जबकि बांध के आसपास आबादी भी दिखी। ग्रामीणों ने बांध पर भेड़ियों के देखे जाने की बात भी बताई। सिर्फ चौराहों पर ही प्रकाश व्यवस्था मिली।
सांसद व भाजपा जिलाध्यक्ष ने पीड़ितों से जाना हाल
महसी तहसील में मंगलवार की रात भेड़िया द्वारा दो बालिकाओं शिवानी व सुमन पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया। इसकी सूचना पर सांसद बहराइच डॉ. आनंद गोंड व भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय पीड़ितों के घर पहुंचे और उनका कुशलक्षेम जाना। साथ ही उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
वन विभाग ने बढ़ाई कांबिंग
डीएफओ अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि शिवानी व सुमन के शरीर पर जानवर के हमले के घाव हैं। जिसे देखते हुए उनके गांव में सतर्कता बढ़ा दी गई है और आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द उपद्रवी भेड़िये को पकड़ कर आतंक से निजात दिलाई जाएगी।
पाठकपट्टी में भेड़िया दिखने का दावा, दहशत में पूरा गांव
बौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामगढ़ी के मजरा पाठक पट्टी में मंगलवार की रात लगभग 10 बजे भेड़िया दिखा और पूरा गांव भेड़िया-भेड़िया के शोर से गूंज उठा। ग्रामीण सत्य प्रकाश मिश्र, कल्प नाथ मिश्र, संजय मिश्र, अनिल कुमार, दीपक, चुन्नू लाल, मनीराम, रोहित कुमार, नीलेश कुमार आदि ने बताया कि तीन दिन से लगातार भेड़िया गांव में आ रहा है। जिससे दहशत है।
एक ही रात चार थाना क्षेत्रों में दस्तक
वन विभाग की ओर से मंगलवार को ही एक मादा भेड़िया को पकड़ा गया है। लेकिन इसके बाद से हमले तेज हो गए हैं। मंगलवार की रात भेड़िया ने खैरीघाट व हरदी थाना क्षेत्र में जहां बालिकाओं पर हमला किया तो वहीं कोतवाली देहात में पड़वा को घायल कर दिया। वहीं बौंडी थाना क्षेत्र में भी भेड़िया दिखा। इसके बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक से अधिक भेड़िया हैं।